
योगी मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय मंथन
डॉ दिलीप अग्निहोत्री
कुछ समय पहले नरेंद्र मोदी ने योगी आदित्यनाथ के आपदा प्रबंधन की सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा की थी।
उन्होंने कहा था कि योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह कोरोना का सामना किया,साहस दिखाया, वह अभूतपूर्व है। ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, स्पेन के बराबर उत्तर प्रदेश की जनसंख्या है। लेकिन इन देशों में कोरोना से होने वाली जनहानि लाखों में है। जबकि कुशल प्रबंधन के कारण यूपी में कोरोना वायरस नियंत्रण में रहा। प्रधानमंत्री ने कहा भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में साढ़े तीन वर्ष पहले जिस तरह का शासन चल रहा था उसमें इन नतीजों की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपने विकास के लिए बड़ी योजनाएं संचालित की। आपदा से बने हर अवसर को यूपी साकार कर रहा है। नरेंद्र मोदी ने जो कहा उसको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकार किया जा रहा है। देश के किसी मुख्यमंत्री की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा गर्व का विषय होती है।
प्रबंधन में पीछे रहे विकसित देश
कुछ समय पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने योगी आदित्यनाथ के कोरोना आपदा प्रबंधन की प्रशंसा की थी। उसके द्वारा अनेक देशों को इससे प्रेरणा लेने का सुझाव दिया गया था। इनमें यूरोप के विकसित देश भी शामिल थे। जहां संसाधनों की कमी नहीं थी। इनकी जनसख्या उत्तर प्रदेश से बहुत कम थी,फिर भी इनके यहां कोरोना का प्रकोप ज्यादा था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध टाइम मैगजीन ने भी योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा में लेख प्रकाशित किया है।कोरोना आपदा की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रबंधन की मिसाल कायम की थी। उन्होंने इसके लिए टीम इलेवन का गठन किया। जनपद और गांव स्तर तक योगी आदित्यनाथ ने स्वयं संवाद स्थापित किया। इनमें जनपद के अधिकारियों से लेकर ग्राम प्रधान शामिल थे।

मेडिकल सेवाओं का विस्तार
प्रत्येक जिले में कोविड़ अस्पताल स्थापित किये गए,एकीकृत कमांड बनाई गई,कम्युनिटी किचेन का संचालन शुरू हुआ,गरीबों को भरण पोषण भत्ता के साथ राशन किट प्रदान किये गए। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश भारत का पहला राज्य था। इतना ही नहीं दुनिया के सभी विकसित देश इस मामले में उत्तर प्रदेश से बहुत पीछे रह गए थे।
श्रमिकों की वापसी व रोजगार
चालीस लाख प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मान के साथ घर वापसी सुनिश्चित की गई। इतना ही नहीं इनके रोजगार का भी अभूतपूर्व आभियान चलाया गया। इन्हीं तथ्यों के आधार पर टाइम मैगजीन ने योगी आदित्यनाथ के कोरोना नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की है। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या का भी उल्लेख किया गया। इस आधार पर जब अमेरिका व यूरोपीय देशों के साथ तुलना होती है,तब उत्तर प्रदेश इनसे बहुत आगे दिखाई देता है। टाइम मैगजीन के लेख में प्रदेश में कोरोना संक्रमण से हुई मौतों पर नियंत्रण और रिकवरी दर में लगातार वृद्धि को लेकर सरकार के प्रयासों की तारीफ की गई है। कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य ढांचे को प्रतिकूल स्थितियों को न्यूनतम समय में मुस्तैद किया। कोरोना से मुकाबले के लिए व्यापक व्यवस्था की गई। जिस तरह से कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए वह सभी के लिए अतुलनीय उदाहरण है। फरवरी में पहला मामला सामने आने के बाद योगी ने स्थिति की गम्भीरता का आकलन किया। उसके अनुरूप न स्वास्थ्य व्यवस्था में नए इंतजाम किए गए।

सुनियोजित रणनीति
सुनियोजित रणनीति के माध्यम से स्थिति का मुकाबला किया गया। अधिकारियों के साथ मिलकर जिस प्रकार जरुरी कदम उठाये गए, वह प्रशंसनीय है। उस समय तक भारत के अन्य राज्य व विकसित देश भी कोई कारगर कदम नहीं उठा सके थे। तब योगी आदित्यनाथ ने लड़ाई का पूरा खाका तैयार कर लिया। बाइस मार्च को जनता कर्फ्यू घोषित किया गया था। जबकि योगी आदित्यनाथ सबसे पहले तीन दिन का लॉक डाउन तत्काल घोषित किया था। यह उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है। उन्होंने स्थितियों का आकलन कर लिया था, जिससे लॉकडाउन के दौरान आम लोगों को आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बाधित न हो। माहमारी फैलने लगी उस वक्त राज्य में एक ही प्रयोगशाला थी,जिसकी क्षमता महज साठ नमूने प्रतिदिन की थी। इस समय इनकी संख्या सवा तीन सौ से अधिक है। इनके माध्यम से प्रदेश में पौने दो लाख कोरोना नमूनों की जांच प्रतिदिन की जा सकती है। सर्वाधिक कोरोना टेस्ट का रिकॉर्ड भी उत्तर प्रदेश के नाम ही है। अब तक करीब 1.9 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं। योगी के प्रयासों से प्रदेश में अब पौने सात सौ कोविड अस्पताल निर्मित किये गए। इनमें तीनो लेवल के अस्पताल शामिल है। उत्तर प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों पर नियंत्रण और रिकवरी दर में चौरानवे प्रतिशत से अधिक से अधिक है।टाइम मैगजीन ने कोरोना नियंत्रण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग को लेकर भी किए गए कार्यों की भी प्रशंसा की है। योगी आदित्यनाथ ने घर घर जाकर लक्षण वाले मरीजों की जांच के आदेश दिए थे। कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग की का इंतजाम भी अभूतपूर्व था। इंटीग्रेटेड कमाण्ड ऐण्ड कण्ट्रोल सेण्टर प्रदेश के सभी जिलों में बनाए गए।
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