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कोरोना : लॉकडाउन के चलते मथुरा रिफाइनरी हो सकती है शटडाउन

लॉकडाउन के कारण समूचे देश में वाहनों के पहिये थम जाने की वजह से पेट्रोलियम उत्पादन (एलपीजी को छोड़कर) की खपत पर असर पड़ा है। इसके चलते मथुरा रिफाइनरी से पेट्रोलियम पदार्थों की खपत बहुत कम रह गई है। रिफाइनरी के स्टॉक के टैंक फुल होने लगे हैं। ऐसे में मथुरा रिफाइनरी शटडाउन पर जा सकती है।

सूत्रों का कहना है कि जल्दी ही रिफाइनरी शटडाउन कर देगी। एलपीजी की खपत बढ़ जाने के कारण इसका उत्पादन जारी रहेगा। खास बात यह है कि शटडाउन होने से लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि रिफाइनरी के पास इतना पेट्रोलियम पदार्थ स्टॉक में है कि उससे पूर्ति होती रहेगी। जैसे ही यह कम होने को होगा रिफाइनरी फिर से उत्पाद शुरू कर देगी।

कोरोना के कारण 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 25 मार्च से लॉकडाउन चलने के कारण देशभर में वाहनों का आवागमन ठहर गया है। सिर्फ आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहन ही चल रहे हैं। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और हाईवे सूने हो गये हैं। ऐसे में मथुरा रिफाइनरी से पेट्रोलियम पदार्थों के होने वाले लदान पर भी असर पड़ा है। खपत कम होने और उत्पादन बरकरार रहने के कारण रिफाइनरी के स्टॉक के टैंक फुल होने लगे हैं। आम दिनों में मथुरा रिफाइनरी से रोजाना करीब 700 किलोलीटर पेट्रोल का लदान होता था। लॉकडाउन के कारण पेट्रोल का लदान करीब 100 किलोलीटर ही रह गया है। जबकि उत्पादन बदस्तूर जारी है।

यही हाल डीजल का है। आम दिनों में जहां 200 किलोलीटर डीजल का लदान हो जाता था, वह लॉकडाउन के कारण घटकर करीब 20 किलोलीटर रह गया है। हवाई जहाज में ईधन के रूप में प्रयोग होने वाले एटीएफ का भी मथुरा रिफाइनरी में उत्पादन होता है। क्योंकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा बंद हो चुकी हैं, इसलिए इस पर भी असर पड़ा है। कुछ विमान उड़ाए जाने (यहां पर फंसे विदेशियों को बाहर भेजने और बाहर से अपने लोगों को लाने वाले विमान) के कारण बहुत कम एटीएफ हवाई अड्डों पर जा रहा है। वायु सेना के लिए यह ईधन जा रहा है। आम दिनों में लगभग 600 किलोलीटर एटीएफ यहां से लदान हो जाता था, लेकिन वर्तमान में मात्र 150 किलोलीटर एटीएफ का ही लदान हो रहा है। बिटुमिन तो बिलकुल ही नहीं उठ रहा है।

एलपीजी की खपत बढ़ी
अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की खपत जहां कम हुई है, वहीं एलपीजी की खपत बढ़ गई है। इसका कारण लॉकडाउन के कारण लोगों को यह आशंका है कि लॉकडाउन बढ़ सकता है और बाद में एलपीजी का संकट न पैदा हो जाए, इसलिए लोगों ने अपने यहां स्टॉक करना शुरू कर दिया है। ऐसे में रिफाइनरी से इसका लदान बढ़ा है।

हो सकता है शटडाउन
उत्पादन जारी रहने और खपत कम हो जाने के कारण रिफाइनरी के टैंक फुल हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि क्योंकि लॉकडाउन अभी जारी है, इसलिए रिफाइनरी में शटडाउन करना पड़ सकता है। हालांकि रिफाइनरी अधिकारी अभी शटडाउन से इनकार कर रहे हैं। अधिकारी ऑन रिकॉर्ड तो नहीं बोल रहे लेकिन सूत्रों का कहना है कि रिफाइनरी में इन पदार्थों को रखने के जितने टैंक हैं, सभी फुल होने की स्थिति में हैं। इसलिए शटडाउन करना पड़ सकता है। रिफाइनरी के उच्च सूत्रों का कहना है कि शटडाउन के कारण आम लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि रिफाइनरी पर सभी पेट्रोलियम पदार्थ स्टॉक में रहेंगे। जैसे ही इनका कम होना शुरू होगा, रिफाइनरी शटडाउन समाप्त कर उत्पाद शुरू कर देगी।

रिफाइनरी में होता है इनका उत्पादन
पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, फर्निश आयल, एटीएफ, एलएसएचएस, केरोसिन, विटूमिन

इतना है स्टॉक

  • पेट्रोल-चार हजार किलोलीटर
  • डीजल-20 हजार किलोलीटर
  • एटीएफ-2400 किलोलीटर
  • केरोसिन-2200 किलोलीटर
  • फर्निश ऑयल-12 हजार किलोलीटर
  • एलएसएचएस-10 हजार किलोलीटर

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