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कोरोना वायरस: रेलवे और मेट्रो में हुए ये अहम बदलाव

ओडिशा में कोरोना का पहला मामला सामने आ चुका है. बताया जा रहा है कि 33 साल का एक शख्स 6 मार्च को इटली से दिल्ली लौटा था और 12 मार्च को ट्रेन के ज़रिए भुवनेश्वर पहुंचा.

बुखार और सिर दर्द की शिकायत लेकर 13 मार्च को जब वो डॉक्टर के पास पहुंचा तो पता चला कि वो कोरोना से संक्रमित है.

कोरोना वायरस के मामलों पर राज्य सरकार के प्रमुख प्रवक्ता सुब्रतो बागची ने कहा कि क्योंकि उस व्यक्ति ने दिल्ली से भुवनेश्वर तक की यात्रा ट्रेन से की थी, इसलिए राज्य सरकार ने ट्रेन में संक्रमित शख्स के संपर्क में आए लोगों की पहचान करने के लिए ‘कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग एक्सरसाइज’ शुरू कर दी है.

इसके बाद भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के दो केटरिंग स्टाफ को ओडिशा के एक अस्पताल में कोविड-19 इन्फेक्शन की टेस्टिंग के लिए भेजा गया है.

ख़बरों के मुताबिक कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के ज़रिए पता चला है कि संक्रमित शख्स ट्रेन यात्रा के दौरान 129 लोगों के संपर्क में आया, जिनमें से 76 सहयात्री थे. इस बीच टीटीई और दूसरे स्टाफ को सेल्फ-क्वारेंटाइन पर भेज दिया गया है.

हाल में ऐसा ही एक मामला आगरा में सामने आया था. जहां कोरोना वायरस से संक्रमित एक महिला ने ट्रेन में सफर किया.

ये दोनों मामला ऐसे हैं, जिसने ये सवाल खड़े किए कि क्या ट्रेन में यात्रा करना सुरक्षित है.

भारतीय रेलवे के मुताबिक़ हर रोज़ देश में क़रीब 12 हज़ार ट्रेनें चलती हैं. इसमें क़रीब ढाई करोड़ यात्री रोज़ रेल में यात्रा करते हैं.

इस तरह के मामलों के बाद रेलवे प्रशासन भी हरकत में आया है और उन्होंने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए कई क़दम भी उठाए हैं.

रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने से रोकने के लिए रेलवे ने बड़ा क़दम उठाया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे ने मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद, रतलाम, राजकोट और भावनगर डिविजन में अगले आदेश तक प्लेटफ़ॉर्म टिकट के दाम 10 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिए हैं. यहां क़रीब 250 स्टेशन पड़ते हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, वित्तीय वर्ष 2018-19 में रेलवे को प्लेटफॉर्म टिकट बेचकर 140 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी. ये जानकारी राज्यसभा में पीयूष गोयल ने दी थी.

कोरोना वायरस: ट्रेन और मेट्रो में कितने सुरक्षित हैं आपइमेज कॉपीरइटRAILWAY

रेलवे ने ट्रेने रद्द की

सेंट्रल रेलवे ने लो-ऑक्यूपेंसी वाली 22 ट्रेनों को 31 मार्च 2020 तक रद्द कर दिया है. ये वो ट्रेने हैं जिनमें लोग कम यात्रा कर रहे हैं.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग के ज़रिए कोरोना वायरस के लक्षणों की जांच, बचाव और जानकारी के लिए हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है.

रेल मंत्रालय के मुताबिक़ वायरस को फैलने से रोकने के लिए उपनगरीय ट्रेनों के कोचों में वक़्त-वक़्त पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है.

दीनदयाल उपाध्याय ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए ऐसे ही कुछ और क़दम उठाए हैं.

  • डिपो में सभी रेल गाड़ियों की वक़्त-वक़्त पर अच्छे से सफाई की जा रही है और दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है.
  • एसी कोच से कंबल और परदे हटा दिए गए हैं.
  • सभी बड़े स्टेशनों के प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों, शौचालयों, बुकिंग ऑफिस, वेटिंग रूम समेत सभी जगहों पर साफ़-सफ़ाई और दवा का छिड़काव किया जा रहा है.
  • डेस्क काउंटर, दरवाज़ों के हैंडल को दिन में तीन बार साफ़ किया जा रहा है.
  • लोगों को खांसने और छींकने के सही तरीक़ों के बारे में बताया जा रहा है.
  • ट्रेन के क्रू के लिए हैंड सेनेटाइज़र लगाए गए हैं, ताकि उनके हाथ साफ़ रहें.
  • ‘क्या करें, क्या ना करें’ के पोस्टर लगाए गए हैं और प्लेटफॉर्म पर लगातार जागरूकता के लिए घोषणाएं की जा रही हैं. वीडियो क्लिप्स चलाए जा रहे हैं.
  • डिविजनल हॉस्पिटल में आइसोलेशन वॉर्ड बनाए गए हैं. कुछ और भी ऐसे इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि कोविड-19 के संदिग्ध क़रीब 200 लोगों को ज़रूरत पड़ने पर वहां रखा जा सके.
  • अधिकारियों और स्टाफ को पर्याप्त संख्या में मास्क और हैंड सेनेटाइज़र दिए जा रहे हैं.
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मेट्रो

वहीं दिल्ली मेट्रो में भी रोज़ाना लाखों लोग सफर करते हैं. डीएमआरसी ने भी अपनी तैयारी चाक-चौबंद कर दी है.

हालांकि उसका कहना है कि कोरोना वायरस के चलते यात्रियों की संख्या पर कोई असर नहीं पड़ा है.

एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर डीएमआरसी ने दावा किया कि मार्च 2020 में यात्रियों की संख्या औसतन 46.53 लाख रही, जो पिछले साल के मुकाबले ज़्यादा बदली नहीं है, बल्कि बढ़ी ही है.

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़, “हर साल मार्च के महीने में फ़रवरी के मुकाबले यात्रियों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत गिरती है. यात्रियों की संख्या कई कारणों पर निर्भर होती है, जैसे छुट्टियां, परीक्षाएं, बारिश का मौसम, त्योहार आदि. हालांकि सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई क़दम उठाए हैं. जैसे मॉल, सिनेमा, स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए हैं. इसके चलते स्वभाविक तौर पर आने वाले दिनों में दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की संख्या में अंतर आ सकता है.”

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डीएमआरसी के मुताबिक़ दिल्ली मेट्रो में कोरोना वायरस को लेकर कई क़दम उठाए जा रहे हैं.

  • 360 किलोमीटर और 264 स्टेशनों वाली दिल्ली मेट्रो में ट्रेनों और स्टेशनों की सफ़ाई की जा रही है.
  • हर रोज़ मेट्रो शुरू होने से पहले 12 मेट्रो ट्रेन डिपो पर उनकी सफ़ाई की जाती है. हर ट्रिप के बाद ट्रेन के ट्रमिनल स्टेशनों पर भी उसकी सफ़ाई होती है.
  • ऐसे ही हाउसकीपिंग टीम स्टेशनों को लगातार साफ़ करती है.
  • कोरोना को देखते हुए हैंड रेलिंग, ट्रेन के दरवाज़ों, टोकन वेंडिंग मशीन, पैसेंजर इमर्जेंसी अलॉर्म, लिफ्ट और एस्कलेटर्स की ख़ास तौर पर अच्छे से सफ़ाई की जा रही है.
  • पार्किंग एरिया में भी अच्छे से सफ़ाई की जा रही है.
  • सफ़ाई के लिए इको-फ्रेंडली केमिकल और उच्च स्तर के उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
  • राजीव चौक, कश्मीरी गेट, सेंट्रल सेकेट्रेरिएट, चांदनी चौक और न्यू दिल्ली जैसे बड़े स्टेशनों पर डिज़िटल स्क्रीन के ज़रिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है.

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