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कोविड-19: संकट से प्रभावित रेडियो इंडस्ट्री ने लाइसेंस फीस में छूट और सरकार से सहयोग मांगा

दुनियाभर में 10 लाख से अधिक लोगों को चपेट में लेने वाली कोरोना महामारी का रेडियो इंडस्ट्री पर भी बहुत बुरा असर हुआ है। महामारी और लॉकडाउन की वजह से विज्ञापन में भारी कटौती हुई है। इसको देखते हुए प्राइवेट एफएम चैनल्स के संगठन असोसिएशन ऑफ रेडिया ऑपरेटर्स फॉर इंडिया (AROI) ने सरकार से सभी लाइसेंस फीस में एक साल के लिए छूट की मांग की है।

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे खत में AROI ने कहा कि उद्योग पिछले एक साल से विज्ञापन राजस्व में कटौती का सामना कर रहा था, इसमें 20 फीसदी की कमी आई और अब लॉकडाउन के बाद विज्ञापन राजस्व में 80 पर्सेंट की कमी आई है।

‘दबाव में उद्योग’
एचटी मीडिया लिमिटेड एंड नेक्स्ट मीडिया वर्क्स के सीईओ हर्षद जैन ने इस बात पर सहमति जताई कि सकार को मौजूदा हेल्थ इमरजेंसी से निपटने के लिए सख्ती करनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा, ‘लेकिन कोविड-19 के बाद रेडियो के विज्ञापन राजस्व में 80 फीसदी की कमी आई है। इस समय उद्योग अपना काम जारी रखने में दबाव महसूस कर रहा है।’

AROI की तीन मांगें
AROI ने खत में कहा, ‘रेडियो उद्योग सभी लाइसेंस फीस और सरकार और प्रसार भारती की ओर से लिए जाने वाले शुल्क पर एक साल की छूट चाहता है। रेडियो पर सरकारी विज्ञापनों की बहाली हो और डायरेक्टोरेट ऑफ एडवर्टाइजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी की ओर से लंबित सभी भुगतान को जारी किया जाए।’

20 हजार लोगों को मिलता है रोजगार
संगठन ने आगे कहा है कि लॉकडाउन के बाद विज्ञापन राजस्व में 80 फीसदी की कमी आई है। AROI ने सरकार से मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अग्रिम नियामक भुगतानों को स्थगित करने की भी मांग की है। AROI ने कहा, ‘रेडियो इंडस्ट्री प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देता है और सरकार का हस्तक्षेप इसे संकट से ऊबरने में मदद करेगा।’

‘पहले से थी सुस्ती अब और बढ़ेगी’
रेड एफएम और मैजिक एफएम की डायरेक्टर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर निशा नारायण ने कहा कि इंडस्ट्री सामान्य स्थिति बहाली के लिए सरकार से मदद चाहती है। उन्होंने कहा, ‘रेडियो इंडस्ट्री पहले से आर्थिक सुस्ती के दौर में है और ऐसा लगता है कि आने वाले महीनों में इसमें तेजी से वृद्धि होगी।’ निशा नारायण ने कहा कि इंडस्ट्री इस बात के प्रति सचेत हैं कि सरकार इस संकट के समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। यह इंडस्ट्री के लिए हताशा का समय है और सरकार से सहयोग की आवश्यकता है।

पीएम ने की थी योगदान की सराहना
AROI ने इस बात को भी रेखांकित किया कि कई अवसरों पर रेडियो इंडस्ट्री ने संकट की घड़ी में आगे आकर काम किया है, जिसमें कोविड 19 महामारी भी शामिल है। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रमुख रेडियो जॉकीज से मुलाकात करते हुए कहा था कि रेडियो श्रोताओं को शिक्षित करने, कोडिव-19 के प्रति जागरूकता फैलाने और सकारात्मकता बनाने के लिए अहम मीडिया है।

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