Home / पोस्टमार्टम / ट्रेन कैंसिल होने के कारण रेलवे को एक हफ्ते में लगा 450 करोड़ का घाटा

ट्रेन कैंसिल होने के कारण रेलवे को एक हफ्ते में लगा 450 करोड़ का घाटा

नई दिल्ली. देशभर में कोरोना वायरस का डर जारी है। वहीं दूसरी ओर जिन लोगों ने इस महीने यात्रा का प्लान बनाया था और रेलवे में टिकट करवाया था, उनमें से 60 प्रतिशत लोगों ने अपने टिकट कैंसिल कर दिए हैं। जिसके कारण एक हफ्ते में रेलवे को कोरोना के कारण 184 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। जिसके कारण रेलवे को 454 करोड़ रुपए के नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस दौरान 69 लाख लोगों ने अपने टिकट केंसल करवाए हैं।

रेलवे बोर्ड के चेयरमेन की खिंचाई 

बताया जा रहा है कि मीटिंग में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव की खिंचाई भी हुई। वह मीटिंग में बिना प्रजेंटेशन और बिना तैयारी के पहुंचे थे, जिसको लेकर उनकी खिंचाई की गई। जानकारी के मुताबिक बैठक के दौरान कमेटी के पैनल ने उन्हें कोई फटकार नहीं लगाई बस वह बिना तैयारी और प्रजेंटेशन के मीटिंग में गए थे। जिसको लेकर उन्हें बोला गया कि इस मुश्किल समय में हमें तैयार होने की जरूरत है।

चेयरमैन ने पैनल से कहा कि रेलवे ने इंस्ट्रक्शन्स के पैम्पलेट लगवा दिए हैं। इस पर पैनल ने कहा कि उन लोगों को कैसे इंस्ट्रक्शन्स देंगे जो पढ़ नहीं सकते। इसके बाद पैनल ने उनसे कहा कि न ही आप इसके लिए तैयार हैं और न ही रेलवे। वहीं टूरिज्म और एविएशन विभाग ने  मीटिंग में प्रजेंटेशन स्लाइड का इस्तेमाल किया। मीटिंग में 20 एमपी भी उपस्थित रहे।

सभी जोन की 85 ट्रेनें रद्द

रेलवे ने अपनी तैयारी में बताया कि सभी जोन से 85 ट्रेनें कैंसिल कर दी गई हैं। वहीं रेलवे के कैटरिंग स्टाफ को गाइडलाइन जारी कर दी है और एक ही जगह पर ज्यादा लोगों के खड़े रहने पर रोक लगा दी गई है।

रेल मंत्री की हाई लेवल मीटिंग 

रेल मंत्री पीयूष गोयल रेल अधिकारियों की एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई है और रेलवे के डायरेक्टर्स के साथ मिलकर एक रिस्पॉंस टीम भी बनाई है। यह टीम कोरोना को लेकर रेलवे की एक्टिविटी को मॉनीटर करेगी और सभी जगह के गाइडलाइन बनाकर इंस्ट्क्शन देगी। वहीं पूरे रेलवे की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेंगे और सभी लेवल पर होने वाली मीटिंग्स को रिव्यू करेगी।

सभी जोन का एक नोडल अधिकारी अपने जोन को कोरोना को लेकर मीटिंग्स लेगा और तायारी करेगा। नोडल अधिकारी रेलवे बोर्ड की कोरोना हेड टीम के साथ कॉर्डिनेट करेगा। इसको लेकर ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है।

Check Also

Bombay High Court के जज ने भरी अदालत में इस्तीफा क्यों दिया?

हाईकोर्ट जज ने खुली अदालत में इस्तीफे दिया *साभार प्रस्तुति* *आनन्द श्रीवास्तव, अधिवक्ता* बॉम्बे हाई ...