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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ तेलंगाना विधानसभा में प्रस्ताव पारित

हैदराबाद (तेलंगाना) :  तेलंगाना विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ है। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने विधानसभा में कहा कि लाखों ऐसे लोग हैं जिनके पास सही दस्तावेज नहीं हैं। इसलिए केंद्र सरकार को सीएए के बारे में सोचना चाहिए।

विधानसभा में सोमवार की सुबह सीएए के विरोध में प्रस्ताव पेश किया गया। सदन में इस पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के विधायक दल के नेता भट्टी विक्रमार्का, भारतीय जनता पार्टी के राजा सिंह और एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने भाग लिया। सदन में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने कहा कि यह कानून असंवैधानिक है और धर्म के आधार पर नागरिकता का निर्धारण करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए लाये गए किसी भी कानून का वे स्वागत करते हैंं लेकिन घुसपैठ रोकने की आड़ में देश की जनता को भयभीत करके उनकी नागरिकता पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस विषय पर राज्यों के साथ विचार विमर्श कर कानून पर आम सहमति बना सकती थी लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण से ऐसा नहीं हुआ। एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाया गया नागरिक संशोधन अधिनियम (सीएए) पूरी तरह से संविधान पर हमला है। उन्होंने कहा कि सीएए, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ केवल मुस्लिम ही नहीं पूरे देश की जनता की है। विधायक ओवैसी ने मुख्यमंत्री केसीआर से आग्रह किया कि केंद्र सरकार की ओर लाये जा गये सीएए के खिलाफ जारी संघर्ष का वे नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सीएए तुरंत वापस लेना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजा सिंह ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुये कहा कि यह काूनन देश के हित में है।

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