-इलाहाबाद फैजाबाद केबद आगरा का नाम बदलने की तैयारी
-गो संरक्षण कानून कर्नाटक भी कर रहा अनुसरण
-मध्य प्रदेश में लाया गया लवजिहाद संबंधी अध्यादेश
योगेश श्रीवास्तव
लखनऊ। अपनी कार्यशैली को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा शासित राज्यों और वहां के मुख्यमंत्रियों के रोल माडल बन गए है। निवेश से लेकर कानून व्यवस्था या फिर आपदा को अवसर में बदलने के उनके फार्मूलों को भाजपा शासित दूसरे राज्य भी अमल में ला रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं एक बार अपने संबोधन में कोरोना काल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कराए गए राहत कार्यो और लाकडाउन के सख्ती से पालन कराए जाने के उनके निर्णयों की खासी सराहना की है। प्रदेश में निवेशकों को आमंत्रित करने और कानून का राज स्थापित करने के उनके कई फैसलों को देश के दूसरे राज्यों की सरकारे भी अनुसरण कर रही है। भाजपा के स्टार प्रचारकों में अपने नाम का शुमार कर चुके योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा लवजिहाद को लेकर लाए गए कानून तथा दंगों और उपद्रवियों को उनको उन्हीं भी भाषा में जवाब दिए जाने के अब से ठीक एक साल पहले सीएए(नागरिकता संशोधन अधिनियम) के विरोध में पूरे प्रदेश में जिस दंगाइयों और उपद्रवियों द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई की भरपाई उन्हीं लोगों से कराई गयी। इसके लिए उन्होंने आरोपियों के घरों में नोटिस चस्पाकराई तथा कुर्की भी कराई गयी। यही नहीं उन्होंने दंगाइयों और उपद्रवियों के पोस्टरों को शहर की मुख्यसड़कों पर चस्पा कराया। दंगाईयों और उपद्रवियों से निपटने का यह फार्मूला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृहराज्य गुजरात ने भी अपनाया। सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालोंं के खिलाफ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश पब्लिक प्राइवेट प्रॉपर्टी एंड रिकवरी कानून बनाया था। जिसका खासा असर दिखा। दंगे की घटनाओं का ग्राफ गिरा और ऐसे अराजक तत्वों के हौसले भी पस्त हुए। इसी प्रकार गौ संरक्षण कानून को और सख्त बनाने की दिशा में योगी सरकार का फैसला एक मिसाल बना। गोहत्या पर कड़ाई से अकुंश लगाने के साथ ही गौ संरक्षण के बारे में लिए गए निर्णयों पर उनकी पहल का दूसरे राज्यों ने भी फालों किया। हाल ही में यूपी के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में लवजिहाद संबंधी अध्यादेश कैबिनेट द्वारा लाया गया है। प्रदेश में गौहत्या कानून में सजा बढ़ाने के साथ गोवंश को नुकसान पहुंचाने पर भी सजा का प्रावधान कर दिया। गोहत्या पर अब 3 से 10 साल की सजा व गोवंश को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने पर भी सजा हो सकती है। इसके अलावा गोकशी और गोतस्करी से जुड़े अपराधियों के फोटो भी सार्वजनिक रूप से चस्पा किए जाने की व्यवस्था है। गो संरक्षण का यह कानून कर्नाटक को रास आया और इसी तरह का कानून कर्नाटक की येदिरप्पा सरकार ने भी बनाया। मुगलों के जमाने से भारतीय संस्कृति के विपरीत धारा वाले नगरों के नाम बदलने का काम सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। फैजाबाद से अयोध्या, इलाहाबाद से प्रयागराज, मुगलसराय स्टेशन का नाम पं दीनदयाल उपाध्याय और आगरा के मुगल म्युजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम से रखने का काम किया है। अब योगी सरकार आगरा जनपद का नाम बदलने पर भी विचार कर रही है। यही नहीं हैदराबाद के नगरनिगम के चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने वहां प्रचार अभियान के दौरान एलान किया था कि यदि आन्ध्रप्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो हैदराबाद का नाम भाग्यनगर किया जाएगा। उनकी इस घोषणा के बाद से ही दूसरे राज्यों उत्तराखण्ड बिहार मध्यप्रदेश और जम्मू काश्मीर में भी कई जिलों के नाम बदलने की मांग हो रही है। कुछ मुख्यमंत्रियों ने तो इस पर काम शुरू भी कर दिया है।
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