
हार्ट अटैक की खबरें हम आये दिन सुनते ही रहते हैं. इससे कब और किसकी मौत हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता. दुनिया में लगभग एक चौथाई से ज्यादा लोगों की मौत हार्ट अटैक की वजह से होती है. दरअसल, आधे से ज्यादा लोगों को पता ही नहीं चलता कि उन्हें दिल से संबंधित कोई बीमारी है. आपको बता दें कि हार्ट के जरिये ही शरीर के बाकी हिस्सों में खून और ऑक्सीजन की सप्लाई होती है. आसान शब्दों में कहें तो हार्ट खून को पंप करके शरीर के बाकी हिस्सों में पहुंचाता है. लेकिन जब ये पंप सही ढंग से काम नहीं करता तो खून और ऑक्सीजन को शरीर के बाकी हिस्सों में पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है. ऐसा होने पर रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है और हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है. एक स्टडी के अनुसार, एशियाई लोगों में बाकी लोगों की तुलना हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा रहती है. ऐसा क्यों है, इसकी वजह आज तक नहीं पता चल पाई है. हार्ट अटैक के तो वैसे कई कारण हो सकते हैं लेकिन 5 मुख्य कारण है जिन वजहों से हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है.
हार्ट अटैक के 5 मुख्य कारण

- जेनेटिक
- फ्रूट्स और वेजिटेबल्स कम खाना
- एक्सरसाइज ना करना
- हाई बीपी या डायबिटीज
- स्मोकिंग
हार्ट अटैक दो प्रकार के होते हैं. पहला जिसमें व्यक्ति को सीने में तेज दर्द होता है और आस-पास मौजूद लोगों को इसका अनुमान लग जाता है. दूसरा साइलेंट हार्ट अटैक जिसमें पीड़ित को सीने में कोई दर्द नही होता और आस-पास वालों को भी अंदाजा नहीं लगता. साइलेंट हार्ट अटैक अधिकतर सोते हुए आता है. महिलाओं की तुलना में पुरुषों में साइलेंट अटैक के ज्यादा मामले देखने को मिले हैं. मेडिकल भाषा में इसे कार्डियक अरेस्ट के नाम से भी जाना जाता है. अधिकतर मामलों में पीड़ित को इसलिए बचाना संभव नहीं होता क्योंकि जांच होने से पहले पता ही नहीं लगता कि आखिर हुआ क्या है. लेकिन साइलेंट अटैक आने से पहले व्यक्ति में कुछ खास बदलाव देखने को मिलते हैं. यदि सही समय पर इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो इस गंभीर बीमारी का निदान हो सकता है.
साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण

- गैस्ट्रिक प्रॉब्लम या पेट की खराबी
- बिना वजह हो रही सुस्ती और कमजोरी
- थोड़ी सी मेहनत में थकान लगना
- अचानक ठंडा पसीना आना
- बार-बार सांस फूलना
पीड़ित को लगता है आ गयी नींद

बता दें, साइलेंट हार्ट अटैक में व्यक्ति को सीने में दर्द का आभास नहीं होता क्योंकि अक्सर दिमाग तक दर्द का अहसास कराने वाली नस ब्लाक हो जाती है, जिस वजह से प्रवाहित खून दिमाग को किसी भी तकलीफ का संकेत देने में असफल हो जाता है. साइलेंट अटैक आने पर व्यक्ति को लगेगा कि उसे नींद आ गयी. पहली नजर देखने पर सामने वाले को भी यही लगेगा कि पीड़ित व्यक्ति सो रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक हार्ट अटैक के मामलों में 45 फीसदी मामले साइलेंट अटैक के होते हैं.
साइलेंट अटैक आने का बड़ा कारण

- ऑयली फ़ूड
- फैटी फ़ूड
- प्रोसेस्ड फ़ूड
- फिजिकल एक्टिविटी नहीं होना
- शराब और सिगरेट पीना
- डायबिटीज
- अधिक मोटापा
- टेंशन और स्ट्रेस के शिकार होना
साइलेंट अटैक से बचने के लिए व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए. उन्हें अपनी डाइट में सलाद, हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए. आधे घंटे का वॉक, योगासन और व्यायाम भी इसके लिए बेहद जरूरी हैं. स्ट्रेस और टेंशन से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए.
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