
सरकार ने बनाया किसान कल्याण को मुद्दा
डॉ दिलीप अग्निहोत्री
राष्ट्रीय राजधानी सीमा पर चल रहे आंदोलन के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ करोड़ किसानों के जनधन खाते में अठारह हजार करोड़ रुपये स्थान्तरित किये।
वस्तुतः यह प्रकारन्तर से आंदोलन समर्थकों को आइना दिखाने जैसा है। वह किसानों की यथास्थित बनाये रखने पर जोर लगा रहे है, सरकार किसानों को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में बढ़ रही है। कृषि कानून का विरोध कर रही पार्टियों की एक सीमा है। वह विरोध पर तो मुखर है,लेकिन उनका अपना अतीत कमजोरी बन कर सामने आ जाता है। इनमें से कोई यह बताने को तैयार नहीं कि पिछली व्यवस्था से किसानों की कितनी भलाई हुई है। दूसरी तरफ भाजपा की सरकारें अपनी उपलब्धियों को मुद्दा बना रही है।

लाभान्वित हुए यूपी के किसान
प्रधानमंत्री द्वारा हस्तांतरित किसान सम्मान से उत्तर प्रदेश के 2.13 करोड़ से अधिक किसान 4,260 करोड़ रुपये की सम्मान राशि से लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के मोहनलालगंज विकासखण्ड परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत धनराशि अन्तरण कार्यक्रम का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के शुरू होने के बाद से अब तक एक लाख दस हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में अन्तरित किये जा चुके हैं। तकनीक के प्रयोग से यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई लीकेज न हो। राज्य सरकार द्वारा किसानों के रजिस्ट्रेशन एवं आधार वेरीफिकेशन के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ पूरे देश के किसानों को मिल रहा है।
जबाबदेह है आंदोलन समर्थक दल
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों के कारण कम जमीन और संसाधनों वाले किसानों को नुकसान हुआ। गरीब किसान को बीज,खाद, बिजली,सिंचाई के साधन सुलभ नहीं हुए। उसके उत्पाद की खरीद भी नहीं हुई। इससे गरीब किसान और गरीब होता गया। देश में ऐसे किसानों की संख्या अस्सी प्रतिशत है। वर्तमान सरकार ने किसानों की स्थिति में बदलाव के गम्भीर प्रयास किये। दुनिया भर में कृषि के क्षेत्र में आए बदलावों का अध्ययन कर अलग अलग लक्ष्य बनाकर एक साथ कार्य शुरू किया गया। कृषि की लागत कम करने एवं उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किये गये। मृदा परीक्षण, सोलर पम्प, यूरिया कोटिंग, फसल बीमा योजना शुरू की गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मामूली प्रीमियम के भुगतान पर किसानों को सत्तासी हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

रिकार्ड खरीद
फसल की उचित कीमत दिलाने के लिए स्वामीनाथन कमेटी के अनुसार लागत से डेढ़ गुना एमएसपी निर्धारित की गई। पहले कुछ ही फसलों की एमएसपी घोषित की जाती थी। इनकी संख्या बढ़ाई गई। वर्तमान में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकाॅर्ड मात्रा में खरीद और किसान को रिकाॅर्ड धनराशि का भुगतान किया जा रहा है।
कृषि मंडी सुधार
पहले कृषि मंडी के सुधार पर ध्यान नहीं दिया गया। वर्तमान सरकार ने फसल बेचने के लिए किसान को मण्डी के अलावा विकल्प हेतु मण्डियों को ऑनलाइन जोड़ा गया। इससे किसानों ने एक लाख करोड़ रुपये का करोबार किया। दस हजार एफपीओ का गठन कर उनकी सहायता की जा रही है। गांव के पास भण्डारण व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। खेती से जुड़े व्यवसायों यथा मधुमक्खी पालन, पशुपालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2014 में किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 07 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में 14 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। जिससे किसानों को आसानी से ऋण प्राप्त हो सके। 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा मत्स्य पालन,पशुपालन के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा अनुमन्य की गई है।
सुशासन व किसान सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती सुशासन दिवस को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाना सर्वाधिक उपयुक्त है। क्योंकि आजादी के बाद किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का प्रयास सबसे पहले श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा वर्ष 1998 में प्रारम्भ किया गया। श्रद्धेय अटल जी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य प्रारम्भ किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से किसानों को अपनी उपज मण्डी तक ले जाने के लिये मार्ग सुलभ हुआ। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के हाईवे,हर गरीब के हाथ में मोबाइल फोन भी श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। श्रद्धेय वाजपेयी जी द्वारा देश की अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण का जो कार्य शुरू किया गया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उसे आगे बढ़ाया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा चौतीस जिन्स का समर्थन मूल्य घोषित किया गया। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले छियासी लाख किसानों के छत्तीस हजार करोड़ रुपए के ऋण माफी का निर्णय लिया गया।
पूर्ण हुई लम्बित योजनाएं
दशकों से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूर्ण करने का कार्य किया। वर्ष 1977 से लम्बित बाण सागर परियोजना एक वर्ष में पूर्ण कर प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित करायी गयी। अर्जुन सहायक,सरयू नहर,मध्य गंगा नहर जैसी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। मार्च, 2021 तक 20 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा प्राप्त हो जाएगी।
छह वर्ष से बकाया था गन्ना भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में हमारी सरकार के सत्ता में आने पर 06 साल से भी अधिक गन्ना मूल्य का बकाया था। पूर्ववर्ती सरकारों ने चीनी मिलों को बेचने का कार्य किया। वर्तमान राज्य सरकार ने रमाला चीनी मिल, बागपत के नवीनीकरण का कार्य किया। अब यहां प्रतिदिन 50 हजार कुन्तल गन्ने की पेराई होती है। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा अपने कार्यकाल में 01 लाख 12 हजार करोड़ रुपए के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,मृदा परीक्षण आदि योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन से किसानों के जीवन में खुशहाली आयी है।
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