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गोरखपुर में कौशल बोध एवं कौशल विकास कार्यक्रम

सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग में कौशल बोध एवं कौशल विकास कार्यक्रम का भव्य आयोजन

“केवल डिग्री पर्याप्त नहीं, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट समय की मांग”

— सुरेश चंद्र श्रीवास्तव जी

गोरखपुर।

सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर में आज ‘कौशल बोध एवं कौशल विकास’ कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें व्यावहारिक एवं आधुनिक कौशल प्रदान करना रहा, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सुरेश चंद्र श्रीवास्तव जी सह क्षेत्रीय प्रमुख (कौशल बोध व कौशल विकास) ने वर्तमान दौर में कौशल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

“आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। युवाओं में स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) करना बेहद आवश्यक है। यह कार्यक्रम हमारे युवाओं को स्वावलंबी बनाने और उनके भीतर छिपी प्रतिभा को सही दिशा देने की ओर एक सशक्त कदम है।”

इस अवसर पर इस बात पर भी गहन मंथन हुआ कि विद्यालयों के दैनिक पाठ्यक्रम और गतिविधियों में इस योजना को किस प्रकार प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

प्रांतीय प्रमुख श्री अभिषेक जायसवाल जी ने प्रोजेक्टर पर पीपीटी के माध्यम से विषय की बारीकियों को अत्यंत सुगमता से समझाया।

• उन्होंने “करके सीखने” (Learning by Doing) के सिद्धांत पर विशेष जोर दिया।

• उन्होंने आचार्यों को प्रेरित किया कि वे प्रत्येक छात्र की विशिष्ट क्षमता को पहचानें और उसे निखारने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

समापन सत्र के मुख्य वक्ता श्री सुरेश चंद्र श्रीवास्तव जी (क्षेत्रीय प्रमुख, कौशल बोध व कौशल विकास) ने अपने ओजस्वी विचारों से सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा:

“सभी बच्चे सब कुछ नहीं कर सकते, लेकिन प्रत्येक बच्चा कुछ न कुछ अवश्य कर सकता है। हमें इसी मूलमंत्र को ध्यान में रखते हुए बच्चों की अंतर्निहित क्षमताओं को आगे बढ़ाने का कार्य करना है।”

इससे पूर्व कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का परिचय एवं सम्मान डॉ. राजेश सिंह जी द्वारा आत्मीयता पूर्वक संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से:

• श्री राम सिंह जी (प्रदेश निरीक्षक, शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रांत)

• श्री जियालाल जी (प्रदेश निरीक्षक, जन शिक्षा समिति)

• श्री अजय दुबे जी (संभाग निरीक्षक, गोरखपुर)

कार्यक्रम में गोरक्ष प्रांत के विभिन्न शिशु मंदिरों से आए आचार्य एवं आचार्याओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और कौशल आधारित शिक्षा को लागू करने का संकल्प लिया।

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