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आज नागपंचमी: साँप के कान नहीं होते, “बीन की आवाज” तक उन्हें सुनाई नहीं देती

आज नागपंचमी के शुभ अवसर पर चलो आपके कुछ मान्यताओं पर प्रहार करता हूं।

साँप दूध नही पीतें, बिल्कुल मेरी तरह, पर बॉलीवुड के भांडो ने इतनी भ्रांतियां फैलाई है कि क्या ही कहे।

साँपो के पास मणि भी नही होता, पर हमारे बॉलीवुड के कलाकार और कहानियों में मणि के द्वारा इच्छाएं पूरी की जाती रही है।

साँप इच्छाधारी भी नही होतें, पर फिल्मो और कहानियों में….।

साँप के आंखों में कोई कैमरा भी नही लगा होता पर बचपन मे अक्सर लोगो से सुनता था कि साँप के आँखों में तश्वीर छप जाती है, इसलिए उसको मार के सिर कूच देते है अधर्मी पापी लोग।

साँप के कान नही होतें अतः बीन की आवाज भी उन्हें सुनाई नही देती। साफ साफ बोले तो साँप बहरे होतें है। जो बीन की धुन पर आप नाचते हुए देखे है साँपो को वो बीन की आवाज पर नही बल्कि बीन के गति पर प्रतिक्रिया देतें हैं।

भारत मे कुछ 5-6 तरह के साँप जहरीले होतें है। बस इनकी पहचान कर लीजिये फिर साँपो के डर से हमेशा के लिए आज़ाद हो जाइए। ये जहरीले सांप है 1- करैत, 2- कॉमन कोबरा, 3- किंग कोबरा, 4- रसेल वाईपर और 5- सॉ स्केल्ड वाईपर।

इनके अलावा पाए जाने वाले साँप या तो बिना विष के होते है या मध्यम विष के जो मनुष्य पर निष्प्रभावी रहतें है।

प्रतिवर्ष भारत मे पलगभग 50000 लोग सर्पदंश के बाद मरतें है।

सर्पदंश का एकमात्र इलाज एंटीवेनम है, इसके अलावा ओझा सोखा , मंत्र, naja 200 ये सब बकवास की बाते है और अंधविश्वास है।

Nagraj Kabira
(Repost)
#नागपंचमी
(तश्वीर में सद्गुरु के साथ दिख रहा साँप दुनिया का सबसे लंबा विषैला साँप किंग कोबरा है जो दक्षिण भारत मे पाया जाता है)

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