Saturday , November 26 2022
Home / Slider / हिंदी के अचिंत और मराठी के संदीप जगदाले को पहला केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान

हिंदी के अचिंत और मराठी के संदीप जगदाले को पहला केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान

हिंदी के अचिंत और मराठी के संदीप जगदाले को पहला केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान

केदारनाथ सिंह के भीतर एक डरा हुआ बच्चा है जो उन्हें कवि बनाता है- उदयप्रकाश

वाराणसी।

हिंदी के ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कवि केदारनाथ सिंह के जन्मदिन के अवसर पर केदारनाथ सिंह स्मृति व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत लोकाधुनिकता की अंतरंगता के विरल कवि : केदारनाथ सिंह विषय पर साखी के फेसबुक पेज़ से लाइव व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता उदय प्रकाश ने केदारनाथ के कवि रूप की पहचान करते हुए कहा कि उनके भीतर एक डरा हुआ बच्चा है जो उन्हें कवि बनाता है।सूचनाओं के उत्पादन के दौर में केदारनाथ सिंह लगभग सत्ताहीन शख़्सियत थे लेकिन उनकी कविताएं उन्हें ब्रह्माण्ड नामक अख़बार का संवाददाता बनाती हैं, ऐसा संवाददाता जो समय के आतंक से निरपेक्ष रहते हुए अपनी भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मलयालम के महत्वपूर्ण कवि के. सच्चिदानंदन ने कहा कि केदार जी के यहां सिर्फ़ कविताएं बोलती हैं, कवि को अलग से वक्तव्य देने की ज़रूरत नहीं पड़ती। केदारनाथ सिंह केवल भारतीय कविता की नहीं बल्कि हमारे पूरे समय की महत्वपूर्ण आवाज़ थे। कार्यक्रम में केदारनाथ सिंह के पुत्र सुनील कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि मैंने अपने पिताजी को हमेशा समय के आतंक से मुक्त पाया है।

कार्यक्रम का संचालन साखी पत्रिका के संपादक सदानंद शाही ने किया।

इसी अवसर पर अंचित (हिन्दी )और संदीप जगदाले (मराठी) को पहला केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान देने की घोषणा हुई है।‌साखी के सम्पादक और केदारनाथ स्मृति सम्मान के संयोजक सदानन्द शाही ने केदारनाथ सिंह के जन्मदिन(19 नवम्बर) पर केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान की घोषणा की।

प्रो शाही ने बताया कि हिन्दी के लिए श्री अंचित को उनके कविता संग्रह शहर पढ़ते हुए (2019) को दिया गया। भारतीय भाषाओं में यह सम्मान इस वर्ष मराठी कवि संदीप जगदाले को उनके संग्रह असो आता चाड (2019) के लिए दिया गया।उन्होंने बताया कि समस्त नामों पर गहन विचार विमर्श के बाद निर्णायक मंडल ने इन दो नामों पर अपनी सहमति दी है ।
वर्ष 2021 के लिए पांच सदस्यीय चयन समिति गठित की गयी थी जिसमें श्री ए अरविंदाक्षन, श्री चन्द्रकांत पाटिल, श्री राजेश जोशी, श्री अरुण कमल तथा सुश्री अनामिका सदस्य थे।

निर्णायक मंडल ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया जिसे निर्णायक समिति के संयोजक श्री अरविंदाक्षन ने इन शब्दों में व्यक्त किया है, श्री अंचित की कविता समय के साथ के उनके गहन संबंध को व्यंजित करती है। एक तरह से उनकी कविता समय के साथ की सहयात्रा है। उनकी कविता वर्तमान की है, पर वह भविष्य को रचती है। श्री संदीप जगदाले की कविताएं तीव्रता के साथ जमीन और देहात से जुडी यातनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। उनकी कविताओं में विस्थापन की पीड़ा गुंफित है। यह उनकी‌ कविता में घटना के रूप में व्यंजित नहीं बल्कि मानवीयता की त्रासदी के रूप में अनुभूत होती है।

प्रो शाही ने बताया कि हिंदी की साहित्यिक पत्रिका साखी ने कवि केदारनाथ सिंह की याद में वर्ष 2021 से दो युवा कवियों को हर साल केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान देने का निर्णय लिया था और इसके लिए देश-विदेश के कवियों, लेखकों, आलोचकों और सम्पादकों से केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान के लिए संस्तुतियां आमंत्रित की गयी थीं,जिनकी उम्र संग्रह प्रकाशन के समय 35 वर्ष से अधिक न हो।इसके अंतर्गत एक हिन्दी कवि और एक अन्य भारतीय भाषा के कवि को सम्मानित किया जाना था।

अंचित के चार कविता संग्रह प्रकाशित हैं –ऑफ़नोट पोयम्स (ईबुक)(2017), साथ-असाथ (प्रथम संस्करण, 2018),
शहर पढ़ते हुए (प्रथम संस्करण, 2019), कँटीले तार की तरह (2021) (साझा संकलन) । जयराम रमेश की लिखी इंदिरा ग़ाँधी की जीवनी का हिंदी में अनुवाद किया है। ( प्रकृति में एक जीवन)।

टी.एस. एलियट की कविता द वेस्टलैंड का हिंदी में अनुवाद।मुक्तिबोध, स्वामिनाथन, रामकृष्ण पांडेय, अरुण कमल, अनामिका, राजेश जोशी, मदन कश्यप, संजय कुंदन, मनोज झा आदि की कविताओं का हिंदी से अंग्रेज़ी में अनुवाद । पाब्लो नेरुदा, चार्ल्ज़ बकाउस्की, आर्थर रिंबौ, यहूदा आमिखाई, सी कवाफ़ी, महमूद दरवेश, शंख घोष आदि कवियों का अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद। सदानीरा, समालोचन, वागर्थ, पूर्वग्रह, इंडीयन लिटरेचर आदि पत्र पत्रिकाओं में कविताएँ, गद्य और अनुवाद प्रकाशित। लघु उपन्यास मौज़ू-ए-सुख़न बिंज पर शीघ्र प्रकाशित।

पटना विश्वविद्यालय से आगा शाहिद अली की कविताओं पर शोधरत। फ़िलहाल वेब पत्रिका इन्द्रधनुष में मुख्य सम्पादक।असिस्टेंट प्रोफ़ेसर (पार्ट टाइम) स्नातकोत्तर विभाग , अंग्रेज़ी विभाग, पटना विश्वविद्यालय। सम्पर्क: 7091674623.
संदीप शिवाजीराव जगताले प्राथमिक शिक्षक हैं । प्रकाशित पुस्तक – असो आता चाड (कविता संग्रह, प्रथम आवृत्ती – जुलाई 2019) पुरस्कार -कविवर्य नीलकंठ महाजन सहित अनेक पुरस्कार। संपर्क- 9822635347

Check Also

वाराणसीः लोहता में युवक की नृशंस हत्या के बाद दुर्घटना करार देने में नामजद अभियुक्त को नहीं मिली जमानत

 डीजीसी क्रिमिनल आलोक चन्द्र शुक्ला ने विरोध में रखे मजबूत तर्क  वाराणसीः लोहता में युवक ...