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“अख़बार देखके सदमे में आ गया हूं मैं…”: इम्तियाज़ अहमद गाज़ी

हर एक पेज पर बस नफ़रती मसायल हैं,

अख़बार देखके सदमे में आ गया हूं मैं।

  – इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी

मेरी किताब ‘फूल मुख़ातिब हैं’ से चंद अशआर । यह किताब ‘इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड’ में दर्ज़ की जा चुकी है। ‘गिनिज बुक ऑफ रिकार्ड’ में दर्ज़ होने की प्रक्रिया में है। 

इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी

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