Home / Slider / “क्यों बने सिकल सेल एक जन आंदोलन?”
“क्यों बने सिकल सेल एक जन आंदोलन?”

स्क्रीनिंग से आगे: क्यों बने सिकल सेल एक जन आंदोलन?
भारत आज सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। दशकों तक सिकल सेल रोग हमारे स्वास्थ्य विमर्श के हाशिये पर छिपा रहा और चुपचाप उन परिवारों, बच्चों, माताओं और समुदायों को प्रभावित करता रहा जो आदिवासी एवं उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों में रहते हैं। यह बीमारी इसलिए अदृश्य नहीं थी क्योंकि यह दुर्लभ थी, बल्कि इसलिए क्योंकि इसका बोझ उठाने वाले लोग उन व्यवस्थाओं से दूर थे जो उन्हें जांच, परामर्श, उपचार और निरंतर सहयोग प्रदान कर सकती थीं।
सिकल सेल रोग केवल रक्त से जुड़ी बीमारी नहीं है। यह एक आनुवंशिक, सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक चुनौती है।
यह बीमारी लगातार होने वाले एनीमिया, असहनीय दर्द, बार-बार होने वाले संक्रमण, अंगों को नुकसान, अत्यधिक थकान, अस्पतालों के चक्कर, बच्चों की शिक्षा में रुकावट, आजीविका पर प्रभाव और मानसिक तनाव का कारण बनती है। लेकिन चिकित्सा शब्दावली से परे एक और बड़ी सच्चाई है—सिकल सेल रोग पहले से ही कमजोर परिवारों को गरीबी, भय, सामाजिक कलंक और रोके जा सकने वाले कष्टों के दुष्चक्र में धकेल सकता है।
भारत का राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग, आनुवंशिक परामर्श, रोगी देखभाल और दीर्घकालिक रोग प्रबंधन के प्रति इसकी प्रतिबद्धता एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य उपलब्धि है। लेकिन अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि हम स्क्रीनिंग के आंकड़ों को लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन में कैसे बदलें।
केवल स्क्रीनिंग समाधान नहीं, बल्कि शुरुआत है
यदि किसी व्यक्ति की पहचान सिकल सेल ट्रेट (Carrier) के रूप में होती है, तो उसे डर नहीं बल्कि सही परामर्श की आवश्यकता है। यदि किसी बच्चे में सिकल सेल रोग का पता चलता है, तो उसे केवल एक रेफरल पर्ची नहीं बल्कि निरंतर देखभाल चाहिए। उच्च-जोखिम वाले समुदाय की गर्भवती महिला को सामाजिक आरोपों की नहीं, बल्कि सम्मानजनक आनुवंशिक मार्गदर्शन की आवश्यकता है। जिन परिवारों में दोनों माता-पिता कैरियर हैं, उन्हें चुप्पी नहीं बल्कि जानकारी आधारित विकल्प मिलने चाहिए।
यहीं से मिशन को केवल पहचान (Detection) से आगे बढ़कर सामुदायिक परिवर्तन (Transformation) की दिशा में जाना होगा।

भारत में सिकल सेल रोग से जुड़ा वैज्ञानिक साहित्य लगातार हमें याद दिलाता है कि भारतीय परिस्थितियाँ जटिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में रोग की गंभीरता अलग-अलग हो सकती है। आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों आबादियाँ जोखिम में हो सकती हैं। नवजात स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है क्योंकि लक्षणों के प्रकट होने की प्रतीक्षा करना अक्सर नुकसान होने की प्रतीक्षा करने जैसा है।
भारत की रणनीति भारत की भौगोलिक परिस्थितियों, परिवारों, स्वास्थ्य व्यवस्था, भाषाओं, सांस्कृतिक वास्तविकताओं और विश्वास प्रणालियों के अनुरूप होनी चाहिए।
सरकार और समाज के बीच सेतु बन सकते हैं NGO
यहीं पर गैर-सरकारी संगठन (NGO) निर्णायक भागीदार बन सकते हैं।
NGO का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य तंत्र का स्थान लेना नहीं है, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं को पहुँचाना, विश्वास का निर्माण करना, व्यवस्था की कमियों को भरना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार जांच और उपचार के बीच कहीं छूट न जाए।
यदि भारत वास्तव में सिकल सेल रोग को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में समाप्त करना चाहता है, तो यह अभियान केवल अस्पतालों और सरकारी पोर्टलों तक सीमित नहीं रह सकता। इसे स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवा क्लबों, मातृ स्वास्थ्य मंचों, धार्मिक संस्थाओं और सामुदायिक कार्यक्रमों तक पहुँचना होगा।
कलंक-मुक्त जागरूकता की आवश्यकता
सिकल सेल को अभिशाप, कमजोरी या भेदभाव का कारण नहीं, बल्कि एक आनुवंशिक स्थिति के रूप में समझाया जाना चाहिए। स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के साथ लोगों तक यह संदेश पहुँचाना आवश्यक है।
परिवार आधारित स्क्रीनिंग
बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग के बाद परिवार आधारित स्क्रीनिंग (Cascade Screening) को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। यदि परिवार के एक सदस्य में रोग या कैरियर स्थिति पाई जाती है, तो अन्य सदस्यों को भी परामर्श और जांच की सुविधा मिलनी चाहिए।
नवजात स्क्रीनिंग को प्राथमिकता
उच्च-जोखिम वाले जिलों में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को शुरुआती जांच का अवसर मिलना चाहिए। समय पर निदान बेहतर उपचार, कम जटिलताओं और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकता है।
रोगी नेविगेशन मॉडल की आवश्यकता
भारत को केवल जांच परिणाम नहीं, बल्कि ऐसे प्रशिक्षित नेविगेटर्स की आवश्यकता है जो परिवारों का निदान के बाद भी साथ दें। वे उपचार केंद्रों तक पहुँचने, दवाइयाँ प्राप्त करने, फॉलो-अप बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परिवारों की सहायता कर सकते हैं।
CSR की भूमिका
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से मोबाइल स्क्रीनिंग यूनिट, सामुदायिक परामर्शदाता प्रशिक्षण, टेलीमेडिसिन, नवजात स्क्रीनिंग कार्यक्रम, पोषण सहायता और डिजिटल निगरानी प्रणालियों को मजबूत किया जा सकता है।
जब तक युवा पीढ़ी आनुवंशिक विरासत, स्क्रीनिंग, रोकथाम और सम्मानजनक व्यवहार को नहीं समझेगी, तब तक मिशन अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुँच पाएगा। स्कूल और कॉलेज जागरूकता के सबसे प्रभावी केंद्र बन सकते हैं।
महिला-केंद्रित दृष्टिकोण
आनुवंशिक रोगों में अक्सर महिलाओं को दोषी ठहराया जाता है, जबकि आनुवंशिकता दोनों माता-पिता से आती है। इसलिए हर कार्यक्रम में महिलाओं की गरिमा, अधिकारों और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
गरिमा के साथ डेटा प्रबंधन
डिजिटल प्लेटफॉर्म और आनुवंशिक पहचान पत्र उपयोगी हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति के डेटा का उपयोग भेदभाव, बहिष्कार या सामाजिक लेबलिंग के लिए नहीं होना चाहिए। गोपनीयता और सूचित सहमति हर प्रयास का आधार होनी चाहिए।
भारत पहले भी कई बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में सफलता प्राप्त कर चुका है, जहाँ राजनीतिक इच्छाशक्ति, तकनीक, सामुदायिक भागीदारी और जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मिलकर परिवर्तन संभव किया। अब सिकल सेल रोग को भी उसी गंभीरता से लेने का समय है।
यह केवल आदिवासी स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है। यह समानता, सामाजिक न्याय, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, विकलांगता अधिकारों और गरीबी उन्मूलन से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है।
सिकल सेल रोग का बोझ कम किया जा सकता है, इसकी जटिलताओं का प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है और इसके प्रसार को रोका जा सकता है। लेकिन इसके लिए केवल चिकित्सा हस्तक्षेप पर्याप्त नहीं होगा।
हमें सामाजिक संरचना, सामुदायिक स्वामित्व और सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता है।
अब समय आ गया है कि मिशन जागरूकता से कार्रवाई की ओर, स्क्रीनिंग से सहयोग की ओर, निदान से गरिमा की ओर और कार्यक्रम संचालन से सामुदायिक स्वामित्व की ओर बढ़े।
क्योंकि सिकल सेल रोग को समाप्त करना केवल रक्त की रिपोर्ट बदलने का प्रयास नहीं है।
यह आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बदलने का प्रयास है।
— एकता राठी
COO, Mediways Health Foundation
#Ektarathi #MediwaysHealthFoundation #sicklecell #एकताराठी 2026-06-24
Tags #Ektarathi #MediwaysHealthFoundation #sicklecell #एकताराठी
Check Also
संस्मरण अभी मैं अमेरिका यात्रा पर गया था। वहां मुझे मेरे मित्रों ने कैनेडी स्पेस ...