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यूपी में ब्रोन्कियल अस्थमा के आंकड़े चिंताजनक: डा तारिक महमूद 

प्रो डा तारिक महमूद 

विश्व अस्थमा दिवस पर विशेष…….

यूपी में ब्रोन्कियल अस्थमा के आंकड़े चिंताजनक: डा तारिक महमूद

प्रयागराज।

उत्तर प्रदेश में ब्रोन्कियल अस्थमा के आंकड़े चिंताजनक हैं। मोतीलाल मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ तारिक महमूद ने बताया कि इसके आंकड़े प्रवृत्तियों को भी दर्शाते हैं। डा तारिक महमूद ने बताया कि अध्ययनों से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में स्व रिपोर्टेड अस्थमा का प्रचलन लगभग नौ फीसद से से 1.7 फीसद है जो विभिन्न आबादी में अलग अलग हैं। ग्रामीण बनाम शहरी शोध से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थमा का प्रचलन अधिक है। जहां 1.2 फीसद ग्रामीण और शहरी आबादी प्रभावित है हालांकि गंभीरता और ट्रिगर अलग अलग हो सकते हैं। अस्थमा का प्रचलन आयु के साथ बढ़ता है खासकर 55 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 5.5 फीसद विषय अस्थमाग्रस्त पाए गए।व्यावसायिक बोझ उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक अस्थमा का बोझ महत्वपूर्ण है जिसमें 15 से 64 आयु वर्ग के पुरुष अधिक प्रभावित हैं।

मृत्यु दर और विकलांगता उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक अस्थमा के कारण मृत्यु दर और विकलांगता का बोझ उल्लेखनीय है। जिसमें जीवन के वर्षों की हानि एक प्रमुख योगदानकर्ता है। यह आंकड़े उत्तर प्रदेश में अस्थमा के प्रबंधन और रोकथाम के लिए लक्षित हस्तक्षेप और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

       उत्तर प्रदेश में अस्थमा के प्रबंधन और रोकथाम के लिए लक्षित हस्तक्षेप और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।”

प्रोफेसर डा तारिक महमूद 

विभागाध्यक्ष पल्मोनरी मेडिसिन विभाग 

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज

फोटो: डा तारिक महमूद।

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