
कुमार अंचल
जिस तरह हम प्लेन, रेल या बस से या़त्रा करते हैं, क्या उसी तरह हम समय की या़त्रा कर सकते हैें- यानी, अतीत ओैर भविष्य की यात्रा? यह कोरी कल्पना के अतिरिक्त कुछ नहीं लगता। लेकिन कुछ अंतरिक्ष वेैज्ञानिक यान की शक्ल की एक ऐसी टाइम-मशीन ईजाद करने की कोशिश में लगे हेैं जिससे अतीत और भविष्य की यात्रा की जा सके। पर, क्या वास्तव में समय की यात्रा संभव हेै?
इस सम्बंध में प्रसिद्ध विज्ञान लेखक लेैरी नाइवेन ने अपनी आर्टिकल ’रोटेटिंग सिलिंडर्स एंड द पॉसिबिलिटी ऑफ ग्लोबल केैजुअल्टी वॉयलेशन’ में एक अजीब-सी कल्पना की थी।
उन्होंने लिखा था : ’भविष्य में एक नई सभ्यता अस्तित्व में आई। उसने अतीत ओैर भविष्य की यात्रा के लिए एक टाइम-मशीन बनाने की कोशिश शुरू की, लेकिन जब भी टाइम मशीन का कार्य पूरा होने पर आता तो बनाने वालों पर कोइ-न-कोई आफत आ जाती ओैर मशीन बन नहीं पाती। कुछ समय बाद मनुष्यों की एक नई जाति अस्तित्व में आई ओैर उसने टाइम-मशीन बनाने में सफलता प्राप्त कर ली। जब वेैज्ञानिकों ने उससे यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया तो अंतरिक्ष में एक बहुत बड़ा विस्फोट हुआ ओैर वह नई जाति समाप्त हो गई।’
जब कुछ वेैज्ञानिकों ने नाइवेन से पूछा कि उन्होंने ऐसी कल्पना क्यों की, तो उन्होंने जवाब दियाः ’समय की यात्रा प्रकृति के अनुकूल नहीं हेै।’
खेैर, यह तो रही नाइवेन की बात। लेकिन कुछ वेैज्ञानिक टाइम-मशीन बनाने को लेकर पूरी तरह आशान्वित हेैं। ’यूनिवर्सिटी ऑफ मेैनचेस्टर’ के प्रोफेसर कॉक्स ने 13 सितंबर, 2013 को बरमिंघम में हुए ’ब्रिटिश साइंस फेस्टिवल’ में कहा था कि भविष्य के 1,000 वर्षों की यात्रा संभव हो सकतीे हेै। यदि कोई ऐसी टाइम-मशीन बनाने में सफलता प्राप्त कर ली जाए जो प्रकाश की गति के वेग से उड़ सके तो भविष्य की यात्रा संभव हेै। इतनी तीव्र गति से यात्रा करने पर समय की गति धीमी पड़ जाएगी ओैर टाइम-मशीन से यात्रा संभव हो जाएगी। लेकिन इससे सिर्फ भविष्य की यात्रा संभव हेेै। अतीत की यात्रा नहीं।

इन वेैज्ञानिकों के अतिरिक्त कई अन्य वेैाज्ञानिक -यूनिवर्सिटी ऑफ विंसकोसिन के प्रो0 जॉन एल फ्रीडमैन, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रो0 गैरी टी हॉरोविट्ज़ आदि अनुसंधान कर रहे हैं।
वैज्ञानिक जॉन ग्रिबिना कहना हेैः ’अंतरिक्ष में ब्लेैक होल का होना भविष्य की यात्रा को संभव बना सकता हेै। ब्लेैक होल अंतरिक्ष में एक ऐसा स्थान होता हेै जहां से कोई भी उर्जा पास नहीं हो सकती। यहां तक कि प्रकाश उर्जा भी। ब्लेेैक होल के कारण अंतरिक्ष में बड़ी अद्भुत घटनाएं होती रहती हेैं। स्पेस ओेैर टाइम को अलग नहीं किया जा सकता। यदि स्पेस में होल हेै तो टाइम में भी होल होगा। उस होल से समय की यात्रा संभव हो सकेगी।’
वैज्ञानिक गैरी टी होरोविट्ज़ समय की यात्रा को लेकर उत्साहित दिखते हैं। उनका कहना है कि प्राकृतिक नियमों को देखते हुए ऐसी यात्रा से इनकार नहीं किया जा सकता। हाल के प्रयोगों से संभव नहीं लगता, पर यह भी नहीें कहा जा सकता कि असंभव है।
वैज्ञानिक विलियम हिसकाक भी उत्साहित दिखते हैं। उन्होंने बताया है कि यदि कोई अंतरिक्ष यात्री स्पेसशिप से यात्रा करे और उसका त्वरण पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के बराबर हो तो वह एक वर्ष में प्रकाश की गति के बराबर गति पा लेगा। इस सम्बंध में आगे के अनुसंधानों से ही पता चलेगा यात्रा संभव है या नहीं।े
सम्मोहन विशेषज्ञ भी समय की यात्रा पर रिसर्च कर रहे हेैं, पर वे किसी टाइम-मशीन या टाइम केैप्सूल पर कार्य नहीं कर रहे हेैं। वे महिलाओं या पुरुषों को सम्मोहित करते हेैं और उनके चेतन मष्तिष्क कोे अतीत ओैर भविष्य में भेजते हेैं। उनका यह अनुसंधान भी चल रहा है।
टाइम-मशीन से समय की यात्रा असंभव सी लगती ह,ेै पर वेेैज्ञानिक कोशिश में लगे हेैं। देखना हेेै उनका सपना साकार हो पाता हेेै या नही,ं ओैर हो पाता हेै तो कब।
– कुमार अंचल
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