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वर्ल्ड कैंसर डे पर विश्व आयुर्वेद मिशन का जागरूकता अभियान 

Shanti chaudhary

वर्ल्ड कैंसर डे पर विश्व आयुर्वेद मिशन का जागरूकता अभियान 

अज्ञानता से बढ़ रहा कैंसर : डॉ. पॉल

जानलेवा रोग कैंसर इंसान की अज्ञानता व लापरवाही से भयावह रूप धारण करता है। अगर सही समय पर जांच कराकर इलाज शुरू करा दिया जाए तो समस्या का जड़ से खात्मा हो सकता है।

ये बातें कैंसर रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. बी. पॉल ने शुक्रवार को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर विश्व आयुर्वेद मिशन द्वारा आयोजित स्वास्थ्य संगोष्ठी में कही। उन्होंने कहा कि धूम्रपान व तंबाकू का अधिक सेवन करने से मुंह का कैंसर अधिक हो रहा है। युवावर्ग इससे अधिक पीड़ित है। वहीं पित्त की थैली में दूषित पेयजल व खाद्य सामग्रियों का सेवन करने से पत्थर एकत्रित होता जाता है। यही आगे चलकर कैंसर का स्वरूप ले लेता है। कहा कि शरीर के अगर किसी हिस्से में दर्द होता है तो लोग उसकी जांच कराने के बजाय मेडिकल स्टोर से कोई भी गोली लेकर सेवन कर लेते हैं। यह प्रक्रिया गलत है, कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। अगर कहीं दर्द है तो उसकी जांच कराएं, क्योंकि वह कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष प्रो (डॉ०) जी एस तोमर ने कहा कि इस वर्ष कैंसर दिवस का थीम “क्लोज द केयर ग़ैप” है, इसका मूल उद्देश्य कैंसर के प्रति जन जागरूकता पैदा करना है । यह सत्य है कैंसर के एक घातक एवं असाध्य रोग है । तथापि अन्य रोगों की तरह प्रारम्भिक अवस्था में इसका निदान होने पर इसे पूरी तरह से ठीक हो सकता है । अत: समाज में फैली ग़लत धारणा कि कैंसर अभिशाप है, को दूर करना हमारा महत्वपूर्ण ध्येय है । जागरूकता के माध्यम से हम इस रोग के इलाज में हो रही असमानता को दूर करने के साथ साथ इसकी चिकित्सा पर हो रहे अनावश्यक व्यय को भी कम करके अर्थ व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं ।
आयुर्वेद औषधियों से हम रोगी की उम्र के कुछ महत्वपूर्ण दिन, महीना या वर्ष जोड़ सकते हैं । उनकी जीवनशैली की गुणवत्ता में सुधार ला सकते है एवं कीमोथैरापी एवं रेडियेसन थैरापी के दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं ।उन्होंने कहा कि हर दो मिनट पर एक कैंसर मरीज की मौत हो जाती है, यह अत्यंत दुखद है । कैंसर से होने वाली अधिकतर मौतें तंबाकू और तंबाकू जनित पदार्थों के सेवन की वजह से होती हैं । विश्व कैंसर दिवस पर नशा को ना कह लोगों के बीच कैंसर के बचाव के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लें ।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर से बच सकते हैं।कैंसर के सटीक निदान, गुणवत्तापूर्ण उपचार, रोगियों के पुनर्वास और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में हम सभी को अपनी भागीदारी निश्चित करनी होगी।

एडवांस लैप्रोस्कोपिक कैंसर सर्जन एवं जीवन ज्योति अस्पताल, प्रयागराज के डायरेक्टर डॉ०अर्पित बंसल ने बताया कि सर्जरी कैंसर का प्राचीनतम इलाज है। सर्जरी का उपयोग करके कैंसर की पहचान, शरीर में इसके फैलाव और कैंसर से पीड़ित भाग को निकालकर कैंसर को ठीक किया जा सकता है। अगर कैंसर शरीर के अन्य भागों में न फैला हो तो कैंसर सर्जरी से सबसे ज्यादा कैंसर के ठीक होने की संभावना रहती है‌। कैंसर सर्जरी का उपयोग कई प्रकार से कैंसर रोग में किया जाता है। कैंसर के निदान और उपचार में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का महत्वपूर्ण योगदान है । प्लास्टिक सर्जरी द्वारा कैंसर से पीड़ित भाग को निकालने के बाद पुनः उसी रूप में बना सकते हैं।
अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज इंदौर के डॉ० अखलेश भार्गव ने कहा कि कैंसर रोग में आयुर्वेदिक औषधियों का अच्छा प्रभाव है इंदौर में अस्पताल में कैंसर की यूनिट खुली हुई है जिसमें अनेक प्रकार की तुलसी हरिद्रा सदाबहार आदि से इलाज किया जा रहा है कैंसर के घाव को भरने के लिए गाय के घी से बनी हुई दवाई का प्रयोग किया जा रहा है कैंसर के रोगियों में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए लगातार योगा एवं प्राणायाम की भी सलाह दी जा रही है जिससे शरीर में एल्कलाइन तत्वों की मात्रा बढ़ती है गोमूत्र का प्रयोग भी बेहतर है गोमूत्र से यदि आयुर्वेदिक कीमोथेरेपी करें तो कोई संशय नहीं है।

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की पूर्व रिसर्च अधिकारी डॉ० शान्ति चौधरी ने कहा कि प्रत्येक 8 भारतीयों में से एक कैंसर ग्रस्त हो सकता है । केवल भारत में कैंसर के 15 से 18 लाख से अधिक रोगी हैं । कैंसर किसी भी अवस्था में हो सकता है परंतु 40 से 45 वर्ष की आयु के बाद इसकी संभावना अधिक होती है । कैंसर शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है। हमारे देश में तंबाकू , धूम्रपान यानी बीड़ी- सिगरेट का अधिक सेवन करने के कारण हर वर्ष लाखों लोगों की मृत्यु फेफड़े एवं मुंह के कैंसर के कारण हो जाती है। हमारे देश में स्तन कैंसर के कारण महिलाओं की सर्वाधिक मृत्यु देखी गई है और प्रायः गंभीर अवस्था में इसका निदान एवं उपचार हो पाता है। कैंसर के मरीज पाया निराशा व अवसाद ग्रस्त होते हैं। उनमें जीने की इच्छा नहीं रह जाती ऐसे में काउंसलिंग काउंसलिंग द्वारा उनमें सकारात्मक सोच पैदा करने का सफल प्रयास किया जाना चाहिए। शोध के दौरान देखा गया कि कैंसर के मरीजों को खुशहाल वातावरण देने से उनके उनका जीवन काल बढ़ गया और उपचार कई गुना अधिक सफल हुआ। कैंसर के जिन मरीजों को परिवार जनों से प्यार व भरपूर स्नेह मिलता है वे वास्तव में अपना रोग दुख दर्द सब भूल जाते हैं और जीवन के हर पल को जीना सीख लेते हैं ऐसे लोगों में विशेष रचनात्मकता देखी गई।

प्रतापगढ़ के आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ०अवनीश पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीवा के कैंसर के मामले अधिक आने की प्रमुख वजह लड़कियों की कम उम्र में शादी कर देना है। वहीं शहरी क्षेत्रों में कामकाजी महिलाएं बहुत विलंब से शादी करती हैं और बच्चे को पर्याप्त स्तनपान नहीं करा पाती हैं जिससे उनमें स्तन कैंसर के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है।

Cancer growing due to ignorance: Dr. Paul

The fatal disease cancer takes a frightening form due to ignorance and carelessness of human beings. If treatment is started at early stage, then the problem can be eradicated from the root. Padmshri Dr.B.Paul, Director of Regional Cancer Centre, KNM Hopital, Prayagraj said these on the occasion of World Cancer Day on Friday in the health webinar organized by Vishwa Ayurveda Mission. He said that oral cancer is increasing more due to smoking and excessive consumption of tobacco. The youth are more affected by this. On the other hand, by consuming contaminated drinking water and food items in the gall sac, stones get collected. This later takes the form of cancer. It is said that if there is pain in any part of the body, then instead of getting it examined, people take any pill from the medical store and consume it. This process is wrong, cancer can occur in any part of the body. If there is pain, then get it checked, because it can be an early symptom of cancer.
Vishwa Ayurveda Mission President Prof (Dr) GS Tomar said that every two minutes a cancer patient dies, it is very sad. Most of the cancer deaths are due to tobacco. Let’s take a pledge to spread awareness about cancer prevention among people by saying no to drugs.
Cancer can be avoided by adopting a healthy lifestyle.
Cancer awareness and prevention is the best treatment.
On the occasion of World Cancer Day, we all have to make sure our participation towards accurate diagnosis of cancer, quality treatment, rehabilitation of patients and strengthening the health system.

Dr. Arpit Bansal, Advance Laparoscopic Cancer Surgeon and Director of Jeevan Jyoti Hospital, Prayagraj, said that surgery is the oldest treatment for cancer. Cancer can be cured using surgery by identifying the cancer, its spread in the body and removing the affected part of the cancer. Cancer surgery is most likely to cure cancer if the cancer has not spread to other parts of the body. Cancer surgery is used to treat cancer in many ways. Laparoscopic surgery plays an important role in the diagnosis and treatment of cancer. After removing the cancer affected part by plastic surgery, it can be made again in the same form.
Dr. Akhlesh Bhargava of Ashtanga Ayurved College, Indore said that Ayurvedic medicines have good effect in cancer disease. Cancer unit has been opened in the hospital in Indore, in which Tulsi, Haridra, Sadabahar etc. are being used to heal the wounds of cancer. For this, medicine made from cow’s ghee is being used.Yoga and Pranayama are also being advised continuously to increase the amount of oxygen in cancer patients, which increases the amount of alkaline elements in the body. Gomutra is also effective.

Dr. Shanti Choudhary, former research officer of Motilal Nehru Medical College, said that one in every 8 Indians may suffer from cancer. There are more than 15 to 18 lakh cancer patients in India alone. Cancer can occur at any stage, but it is more likely to occur after the age of 40 to 45 years. Cancer can occur in any part of the body. In our country, millions of people die every year due to lung and oral cancer due to excessive consumption of tobacco, smoking i.e. bidi-cigarette. Breast cancer in our country has seen the highest number of deaths among women and is often diagnosed and treated at a critical stage. Cancer patients are found to be prone to despair and depression. There is no desire to live in them, in such a situation, successful efforts should be made to inculcate positive thinking in them by counseling. During research, it was seen that giving cancer patients a happy environment increased their life span and treatment was many times more successful. Cancer patients who get love and full affection from family members, they actually forget all their disease and pain and learn to live every moment of life, special creativity was seen in such people.

Dr. Awanish Pandey, Ayurveda Medical Officer, Pratapgarh said that the main reason for the high incidence of cervical cancer in rural areas is the marriage of girls at an early age. On the other hand, working women in urban areas marry very late and are not able to breastfeed their child enough, due to which cases of breast cancer have increased in them.

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