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साहित्यकारों ने अपनी कविताओं एवं विचारों के द्वारा हिन्दी को अन्तर्राष्ट्रीय क्षितिज पर समृद्धि करने हेतु हुंकार भरी

हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में “रविआभा युगनिर्माण समाज एवं एजुकेशनल एण्ड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट“के साहित्यिक अंग “अन्तर्राष्ट्रीय मानवतावादी लेखक संगठन”(अमालेस) के प्रांगण में एक भव्य आॅनलाइन अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें पूरे भारत ही नहीं बल्कि विदेश की धरती से भी लोग बढ़चढ़ प्रतिभाग ...

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“हम परिवर्तनकारी समाज हैं, मध्यकालीन जड़ता से मुक्ति का जैसा प्रयास भाषा की दृष्टि से और समाज की दृष्टि से भारतेंदु हरिश्चंद्र ने किया वह अक्षुण्ण महत्व का है”: प्रोफेसर हितेंद्र कुमार मिश्र

प्रयागराज। हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला में बोलते हुए पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय, मेघालय के प्रोफेसर हितेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि भारतेंदु ने जिस हिन्दी के नई चाल में ढलने की बात कही थी यह नई चाल केवल साहित्य की नई चाल नहीं है। बल्कि देश की नई ...

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“वह औरत रोती रही, चीख़ती रही, अपनी इज़्ज़त को बचाने के लिए इंसानी रूपी भेड़ियों के सामने गिड़गिड़ाती रही…!!!”: दीपा शर्मा

हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव दीपा शर्मा की जुबानी  एक महिला का दर्द **!!! वह औरत रोती रही, चीख़ती रही, अपनी इज़्ज़त को बचाने के लिए इंसानी रूपी भेड़ियों के सामने गिड़गिड़ाती रही, डंडो एवं लाठियों से पिटती रही, चीख़ती रही, चिल्लाती रही, ऊपर वाले एवं लोगों को मदद के ...

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हिन्दी दिवस पर विशेष: “प्लीज मम्मी, डोंट गो. . . . !”: स्नेह मधुर

हिन्दी दिवस: “प्लीज मम्मी, डोंट गो. . . . !” स्नेह मधुर अपने एक मित्र के साथ उनके एक ब्रिगेडियर दोस्त के घर जाने का सौभाग्य मिला। ब्रिगेडियर दोस्त की नियुक्ति कहीं बाहर है और उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ इसी शहर में रहती हैं। जब उनके घर हम ...

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“नई शिक्षा नीति भारत को ज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति बनाने के प्रयत्नों का प्रयास है”: प्रोफेसर राणा कृष्ण पाल सिंह 

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अयोजित “नई शिक्षा नीति : शैक्षणिक परिदृश्य पर दूरगामी प्रभाव” विषयक वेबीनार में बोलते हुए शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति व इलाहाबाद विश्विद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के आचार्य प्रोफेसर राणा कृष्ण पाल सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत को ...

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यह भी जान लेना जरूरी है कि विदेशी मुसलमान भारत के बारे में क्या सोचते हैं ?

इस्लाम के विस्तार का काम भी अकबर भूला नहीं। उसे बताया गया कि इस्लाम बहुत कट्टर धर्म है इसलिए हिंदू इधर आकर्षित नहीं हो रहे हैं तो उसने इस्लाम को बहुत सरल करते हुए एक नया धर्म चलाया –‘दीन -ए- इलाही ‘ कि हिंदू इसे स्वीकार कर लेंगे किंतु हिंदुओं ...

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लघुकथा:2: “गणेशचौथ!”: डॉ. ऋचा शर्मा

लघुकथा –2 “गणेशचौथ”  डॉ. ऋचा शर्मा गणेश चौथ का व्रत था| सासूजी सुबह से ही नहा-धोकर नयी साड़ी पहनकर तैयार हो गईं| तिल के लड्डू, तिलकूट और भी बहुत कुछ घर में बन रहा था| सासूजी खुद तो व्रत रखती ही थीं आस-पड़ोसवालों से भी पूछती रहतीं – आज ...

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“अकेलापन अभिशाप है, पर एकांत अभिशाप नहीं है… इसी एकांत को प्राप्त करने का साधन है, मेडिटेशन”

“रामचरितमानस और व्यक्तित्व निर्माण” प्रयागराज। हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला के प्रथम सत्र में बोलते हुए तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तमिलनाडु के हिन्दी विभाग के प्रोफेसर एस.वी.एस.एस. नारायण राजू ने “रामचरितमानस और व्यक्तित्व निर्माण” विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि हमें पहले अपने को पहचानना चाहिए। इस दिशा ...

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दिल्ली डायरी: गुरूद्वारा कमेटी : नये निजाम के सिर होगा ‘कांटो भरा ताज’

—-सिख सियासत — —-दिल्ली डायरी—– गुरूद्वारा कमेटी : नये निजाम के सिर होगा ‘कांटो भरा ताज’ वरिष्ठ पत्रकार सुनील पाण्डेय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आम चुनाव बेशक संपन्न हो गए हैं, पर पीछे कई सवाल छोड़ गए हैं। रक्षाबंधन के दिन हुए मतदान के कारण 63 प्रतिशत लोग मतदान करने ...

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“मैं तालिबान को तबसे जानता हूं जब तालीबान नामक संगठन पैदा भी नहीं हुआ था”

 “अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का कब्जा” सन् 1960 से 1964 तक मैं आलमा शिवली नोमानी काॅलेज आजमगढ़ का छात्र रहा।‌ उस समय हमारे प्रिंसिपल श्री शौकत सुलतान साहब थे। वे बड़े ही प्रभावशाली और अनुशासन पसंद व्यक्ति थे। उनके पिता ICS सेवा से अवकाश प्राप्त थे। जब प्रिंसिपल साहब का बाहर ...

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