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इफको के नैनो फ़र्टिलाइज़र का गौड़ा ने किया लोकार्पण

केमिकल फर्टिलाइजर में 50% तक कमी आएगी, 

‌15 से 30 परसेंट बढ़ेगी पैदावार

किसानों के लिए रोल मॉडल सिद्ध होगी इफको की नैनो: सदानंद गौड़ा


इफको के 52 वे स्थापना दिवस पर नैनो फ़र्टिलाइज़र का लोकार्पण

दया शंकर त्रिपाठी

प्रयागराज
‌ केंद्रीय केमिकल और फ़र्टिलाइज़र मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा है कि इफको की नैनो फर्टिलाइजर किसानों के लिए वरदान साबित होगी और यह रोल मॉडल सिद्ध होगा।

श्री गौड़ा इफको की कलोल इकाई में नैनो फर्टिलाइजर के लोकार्पण पर आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे किसानों के लिए लांच करते हुए मुख्य अतिथि श्री गौड़ा ने कहा कि नैनो का शोध करके इफको संस्था ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन 22 को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है जिसमें किसान की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है नैनो के प्रयोग से 30 से 50% तक केमिकल फर्टिलाइजर के प्रयोग में कमी आएगी जिससे किसानों की खेती की लागत में काफी कमी होगी और पैदावार 15 से 30% तक बढ़ेगा यही नहीं नैनो के उत्पाद के प्रयोग से पर्यावरण सुधरेगा खेत की उर्वरा शक्ति बनी रहेगी और सिंचाई में पानी की कम खपत होगी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार का केमिकल फर्टिलाइजर के ऊपर 90 लाख करोड़ रुपया प्रतिवर्ष अनुदान में खर्च करना पड़ता है नैनों से उस में भारी कमी आएगी और बचत होगी जो किसानों के अन्य कार्य में और विकास में खर्च हो सकेगा।


‌ श्री गौड़ा ने कहा इफको अपने स्थापना दिवस पर किसानों के लिए एक नई परिपाटी को जन्म देकर देश और किसानों के साथ बहुत ही भारी काम किया है।


‌प्रबंध निदेशक डाक्टर यूएस अवस्थी ने इस अवसर पर बताया कि देश के सभी राज्यों के ज्यादातर जिलों में चालू रबी सीजन से ही इसका ट्रायल चालू किया गया है। देश के कुल 11,000 किसानों के खेतों को इसके लिए चुना गया है। इसमें अहम भूमिका सभी जिलों में स्थापित लगभग सात सौ कृषि विज्ञान केंद्रों की होगी। पहले चरण में नैनो आधारित उत्पादों में नैनो नाइट्रोजन, नैनो जिंक और नैनो कॉपर का ट्रायल शुरु किया गया है।


‌भविष्य की खेती के लिए बहुपयोगी इन उत्पादों को इफको के कलोल स्थिति नैनो बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर में देसी तकनीक से विकसित किया गया है।डॉक्टर उदयशंकरअवस्थी नेइनके फायदे गिनाते हुए बताया ‘परंपरागत फर्टिलाइजर की तुलना में 50 प्रतिशत कम खर्च होगा। उत्पादकता में 15 से 30 फीसद की वृद्धि का अनुमान है। मिट्टी की सेहत में सुधार होगा। ग्रीन हाउस गैस गैसों के उत्सर्जन में कमी के साथ पर्यावरण के अनुकूल होगा।’ डाक्टर अवस्थी ने नैनो जिंक के बारे में बताया कि पूरे एक हेक्टेयर खेत में केवल 10 ग्राम पर्याप्त होगा। नैनो टेक्नोलॉजी से एनपीके खादों की खपत घटकर आधी रह जाएगी।


‌कृषि व किसान कल्याण राज्यमंत्री पुरूषोत्तम रूपाला ने इस अवसर पर ‘भारतीय कृषि में आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाकर ही दूसरी हरित क्रांति को सफल बनाया जा सकता है। देश के किसानों को आधुनिक प्रौद्योगिकी का फायदा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने अनेक योजनाएं शुरू की।


‌इस अवसर पर गुजरात के उप मुख्य मंत्री नितिन पटेल रसायन केमिकल फर्टिलाइजर राज्यमंत्री मनसुख मांडवीया नागरिक आपूर्ति मंत्री जयेश रदाडिया इफको के अध्यक्ष वी एस न क ई सहित इफको के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन विपणन निदेशक योगेंद्र कुमार ने देशभर से आए हुए 63 प्रगतिशील किसानों को नैनो उत्पाद का किड्स भेंट किया और नैनो के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने बताया कि 1100 किसानों के प्रक्षेत्र में नैनो उत्पाद का प्रयोग का प्रदर्शन किया जा रहा है जिसमें फूलपुर के का डेट में भी एक हेक्टेयर में लगाए गए केला की खेती में इसका प्रयोग का प्रदर्शन किसानों के बीच में किया गया इस अवसर पर फूलपुर इकाई के प्रमुख एम मसूद भी उपस्थित थे।

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