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चंदौली की शिखा पटेल के सपनों को लगे पंख

चंदौली की शिखा के सपनों को लगे पंख, जहांगीर आर्ट गैलरी में प्रदर्शित करेंगी अपनी प्रतिभा के अलग अलग रंग

-मुंबई की प्रतिष्ठित गैलरी में एग्जिबिशन लगाने को मिला  लेटर

-बीएचयू के दृश्य कला संकाय में पीएचडी की हैं छात्रा, स्वयं के जीवन पर आधारित 60 पेंटिंग्स को करेंगी डिस्पले

 

चंदौली।

किसी भी कलाकार का सपना होता है कि उसके जीवन में देश की सबसे प्रतिष्ठित मुंबई के जहांगीर आर्ट में उसका एक बार शो हो जाए। जिले की फीमेल आर्टिस्ट व बीएचयू की रिसर्च स्कालर शिखा पटेल का यह सपना पूरा हुआ है। उन्हें यहां की एक गैलरी में अलग अलग थीम पर खुद की बनाई 60 पेंटिंग्स को प्रदर्शित करने का मौका मिला है। इसके लिए उन्हें तकरीबन 8 साल इंतजार करना पड़ा है।

शिखा पटेल चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र के बरौझी गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान में वह वाराणसी स्थित बीएचयू के विजुअल आर्ट फैकल्टी, चित्रकला विभाग में पीएचडी का छात्रा हैं। उन्होंने बीएफ व एमएफए भी यहीं से किया है।

शिखा ने अपनी इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने जहांगीर आर्ट गैलरी में अपना एग्जिबिशन लगाने के लिए बीते 25-12-2017 को एप्लाई किया था। उन्हें यहां एलाटमेंट होने का आमंत्रण लेटर बीते 5-8-25 को प्राप्त हुआ है। उनके इस प्रदर्शनी का टाइटल स्वरूप की रेखाएः निजी मौन से सार्वजनिक दृष्टि नाम दिया गया है। बताया कि उनकी जहांगीर आर्ट गैलरी में आगामी 4 नवंबर से 10 नवंबर तक प्रदर्शनी लगी रहेगी। इसके लिए उन्होंने एक्रेलिक कलर के माध्यम से तूलिका के जरिए कैनवास पर अब तक करीब 60 पेंटिंग्स उकेरी है।

ये पेंटिंग्स वुमेन इम्पावरमेंट, सेल्फ रेफरेंशियल यानि कि ऐसी कलाकृतियां जो स्वयं के जीवन पर आधारित हैं। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में अपनी आईडेंटिटी को स्टैब्लिश करने की जो प्रक्रिया है, उसे अपनी पेंटिंग्स के जरिए दर्शाया है। समाज में महिला का क्या रोल है, उस पर भी पेंटिंग बनाया है।

रिसर्च स्कालर शिखा पटेल के गाइड बीएचयू दृश्य कला संकाय, चित्रकला विभाग के पूर्व एचओडी प्रो. एस प्रणाम सिंह हैं। उनसे हुई बातचीत में प्रो. सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान शिखा का पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ था। बताया कि जहांगीर आर्ट गैलरी में कुल छह गैलरी हैं। इनमें से एक गैलरी शिखा को अपना शो करने के लिए एलाट हुआ है। इस उपलब्धि से शिखा को अपने आगे के करियर के लिए पब्लिसिटी मिलेगी। साथ ही मुंबई जैसी कामर्शियल नगरी के कलाकारों के समक्ष अपनी प्रतिभा को भी प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

प्रदर्शनी के दौरान फ्लाइंग व रेग्युलर बायर्स के साथ ही आर्ट लवर्स भी विजिट करेंगे। एग्जिबिशन में प्रदर्शित पेंटिंग्स के पसंद आ जाने पर स्पांसर्ड के लिए तैयार हो जाते हैं। इससे यहां एग्जिबिशन लगाने का मौका पाए चित्रकार का पूरा खर्चा बचने के साथ ही अपने पेंटिंग्स के जरिए आय का भी साधन उपलब्ध होगा।

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