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वर्चस्व को लेकर लखनऊ के दो गुटों में जमकर मारपीट-फायरिंग

लाइसेंसी असलहा के साथ चार हमलावर गिरफ्तार
लखनऊ विश्वविद्यालय में हुई घटना का मामला

ए अहमद सौदागर

लखनऊ।

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों के दो गुटों के बीच काफी दिनों से वर्चस्व को लेकर चली आ रही रंजिश ने रविवार की रात गंभीर रूप ले लिया। एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्षों की पिटाई कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैला दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने चार हमलावरों को गिरफ्तार कर उनके पास से लाइसेंसी असलहे बरामद कर लिया।


पुलिस के मुताबिक इनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है।
लखनऊ विश्वविद्यालय बाहर और परिसर में हर समय चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनाती का दावा किया जा रहा है। पुलिस सायरन बजती गाड़ियां भी हर वक्त लोगों को अपनी मौजूदगी का एहसास कराती नजर आती है। इसके बावजूद असलहों से लैस हमलावर विश्वविद्यालय में दाखिल होकर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग एवं असलहों का प्रदर्शन किया।
हमलावरों का आतंक देख अन्य छात्रों में भगदड़ मच गई।
अपर पुलिस आयुक्त राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक रविवार देर रात सूचना मिली की लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में कुछ लोग अपनों के साथ बवाल कर रहे हैं।
इस सूचना पर उनके अलावा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मैनपुरी निवासी विकास देवदी, मोहित, रूद्रदत व प्रवेश दुबे को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में बने न्यू हॉस्टल में रविवार की रात छात्र अर्जुन व छात्र सचिन के बीच इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्ष एक दूसरे पर टूट पड़े।
बताया गया कि इसी दौरान अर्जुन नाम के छात्र ने अपने गांव मैनपुरी इसकी जानकारी अपने पिता को दे दी।
बेटे पर हमला होते सुनकर अर्जुन के पिता दल बल के साथ विश्वविद्यालय परिसर में आ धमके और लाइसेंसी असलहे से फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने बताया कि लाइसेंसी असलहा खुद की सुरक्षा के लिए है यह नहीं कि किसी और को धमकी देने के लिए।
अपर पुलिस आयुक्त राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 2 कार, एक लाइसेंसी राइफल, दोनाली बंदूक एवं कारतूस तथा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बरामद लाइसेंसी असलहो को जप्त कर मामले की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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