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लापता फौजी को ढूंढने के लिए गांधी जयंती के दिन अदालत खुली

एक साल से बरेली से लापता है फौजी, पिता की गुहार पर कोर्ट ने छुट्टी के दिन अदालत लगा कर की सुनवाई।उसे अंतिम बार बरेली स्थित बीआई मार्केट के पास लांसनायक बलवंत सिंह व तीन लोगों के साथ देखा गया था।

घूमता आईना

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सालभर से लापता एक फौजी के बारे में कोई पता न चलने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने लापता फौजी के पिता की गुहार पर संज्ञान लेते हुए गांधी-शास्त्री जयंती का अवकाश होने के बावजूद सुनवाई की। कोर्ट ने उनके पत्र को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका मानते हुए कमांड अफसर मिलिट्री पुलिस हेड क्वार्टर बरेली को नोटिस जारी किया और उनसे लापता फौजी के बारे में अगली सुनवाई पर जानकारी मांगी है।

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने लापता फौजी रजत सिंह के पिता दामोवल होशियारपुर (पंजाब) के निवासी उपदेश सिंह के पत्र पर सुनवाई करते हुए दिया है।

लापता फौजी रजत सिंह के पिता उपदेश सिंह ने पत्र में लिखा है कि सिपाही रजत सिंह 28 पंजाब रेजीमेंट पिथौरागढ़ में तैनात था। उसे जुलाई में बरेली मेस स्थानंतरित किया गया, जहां उसे अवैध तरीके से रिटायर कर्नल एके दुबे के बरेली आवास पर भेजा गया। वह तभी से लापता है। 28 जुलाई 2018 से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसे अंतिम बार बरेली स्थित बीआई मार्केट के पास लांसनायक बलवंत सिंह व तीन लोगों के साथ देखा गया था।

रजत सिंह के पिता ने थाने में प्रार्थनापत्र देकर इसकी सूचना दी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। बरेली की कैंट पुलिस ने प्रारंभिक जांच पूरी करके लगभग एक वर्ष बाद जुलाई 2019 में प्राथमिकी दर्ज की। इसी क्रम में पिता ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा।

सुनवाई के दौरान न्यायालय को अपर शासकीय अधिवक्ता अली मुर्तजा ने कोर्ट को बताया कि घटना की प्राथमिकी 17 जुलाई 2019 को आईपीसी की धारा 364 के तहत में अज्ञात में दर्ज कर ली गई है। यह भी बताया कि विवेचक ने कमांड अफसर को पत्र लिखकर लांसनायक बलवंत सिंह को पूछताछ के लिए थाने पर उपस्थित होने के लिए कहा लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।

खंडपीठ ने इसे रिकार्ड में शामिल किया और बरेली के मिलेट्री पुलिस के कमांड अधिकारी को लापता सैनिक का विस्तृत विवरण देने का निर्देश दिया। मामले पर अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।

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