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चेन्नई की साहित्यकार डॉ यादवर सी साल्वी की दो पुस्तकों का प्रयागराज में लोकार्पण

प्रयागराज।

राज्यों को परस्पर जोड़ने के लिए बहु भाषा विकास केंद्र जैसी संस्थाओं से जुड़ना चाहिए न कि पत्र यात्राओं से यह कार्य संपन्न हो सकेगा। चेन्नई की साहित्यकार डॉ यादवर सी साल्वी की दो पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में अध्यक्ष कर रहे विज्ञान परिषद् के सभापति डॉ एच पी तिवारी ने यह उद्गार व्यक्त किए।

विज्ञान परिषद सभागार में आयोजित पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर शिव गोपाल मिश्रा ने दक्षिण भारत प्रवास के दौरान प्राप्त अपने अनुभव साझा किए। विशिष्ट अतिथि कमल किशोर गुप्ता कानपुर ने कहा कि भाषा में भेद नहीं करना चाहिए। इनका पारस्परिक संबंध मौसी चाची जैसा है। राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से भाषाओं को जोड़ना है जो अनुवाद द्वारा ही संभव होगा। कार्यक्रम के संयोजक एवं बहु भाषा विकास केन्द्र, तन्जावुर के सचिव डॉक्टर गोविंद राजन ने कहा यह हमारी संस्था सेतु के रूप में कार्य करती है भाषाओं को मिलाने का।

विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद संग्रहालय के प्रभारी शिक्षा डॉक्टर राजेश मिश्र ने पुस्तकों का विश्लेषण करते हुए कहा कि पौराणिक काल से ही कथा साहित्य की सभी विधाओं का आधार रहा। चेन्नई में शिक्षण कार्य से जुड़ी डॉक्टर सालवी ने प्रयाग के माहात्म को प्रतिपादित करते हुए इसे अपना सौभाग्य बताया कि उनकी पुस्तकों का लोकार्पण प्रयागराज में हो रहा है। हिंदी के प्रचार-प्रसार की प्रेरणा उन्हें अपने गुरु तुल्य डॉक्टर गोविंदराजन से मिली। डॉ शान्ति चौधरी ने डॉ साल्वी का सम्मान किया।

कार्यक्रम में कानपुर से आए डॉ जय प्रकाश चतुर्वेदी, ओम प्रकाश द्विवेदी उमेश द्विवेदी, बंशीलाल सचान डॉ देवेंद्र कुमार, डॉ दयाराम मौर्या (प्रतापगढ़) भानु प्रताप सिंह, (प्रतापगढ़), बीपी सागर, अमरनाथ, अमरेंद्र नाथ विज्ञान, परिषद् के उप सचिव डॉ राजेंद्र प्रसाद मिश्र, मंजूलिका लक्ष्मी, पीसी श्रीवास्तव समेत तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन देवव्रत द्विवेदी ने किया।

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