
प्रयागराज।
शनिवार 29 अगस्त को शहर समता विचार मंच के तत्वावधान में इस माह से शुरू की गई महिला काव्य गोष्ठी की श्रृृंखला का पहला आयोजन हेमवती नन्दन बहुगुणा स्नातकोत्तर महाविद्यालय की हिन्दी की ऐसोसिऐट प्रोफेसर डा. सविता कुमारी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस काव्यगोष्ठी में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ से डा. ज्योति मिश्रा थी।
आयोजन का प्रारम्भ माँ सरस्वती जी को मालार्पण, दीप प्रज्ज्वल तथा शहर समता विचार मंच की साहित्यिक संयोजक रचना सक्सेना की वाणी वंदना से हुआ। डा. नीलिमा मिश्रा के प्रभावशाली एवं सुंदर संचालन द्वारा प्रयागराज के अनेक कवयित्रियों नें अपनी सुंदर सुंदर रचनाओं को पटल पर रख अपने भावों का आदान प्रदान किया।
इस काव्यगोष्ठी में जहाँ चेतना सिंह की यह पंक्तियाँ सराही गयी…. स्वतंत्र भारत की पहचान आत्मनिर्भर हों हर नौजवान, वही शिवानी मिश्रा की…. इस पार नदी के बैठा हूँ., रचना सक्सेना ने… बेटी आँगन की फुलवारी ऋतन्धरा मिश्रा ने.. ख्वाबों को मोहब्बत में तुम ऐसे ही सजा देना रहे एहसास तुम्हारा ही अल्फाजों में बता देना और नीलिमा मिश्रा ने… गले लगाये जो दुश्मन को भी मोहब्बत से, ज़माने भर से निराला ये काम किसका है।
अध्यक्षता कर रही सविता कुमारी श्रीवास्तव ने.. मोबाइल जमाने का ऐसा दौर भी देखना पड़ा ,मोबाइल से प्यार अपनों से दूर रहना पड़ा तथा आज की अतिथि डा. ज्योति मिश्रा ने जिस्म क्या है, रुह तक सब कुछ खुलासा है पढ़ कर आयोजन में चार चांद लगा दिये।
कानपुर से सुधा शर्मा ने… धीरे-धीरे छू रही मन रात की खामोशियाँ चाहतें सोने को हैं, मुझमें मेरे ही दरम्यां…तथा दिल्ली से स्नेहा उपाध्याय ने… है नारी नाम उस शक्ति का जो हर घाव सहती है, गीता सिंह ने.. रण भूमि विजय देगी कैसे, जो पहले से ही हार गया, उर्वशी उपाध्याय ने… मेरा अभिमान हिन्दी है, डा. पूर्णिमा मालवीय ने अभी धैर्य रखना होगा पढ़ कर आयोजन को सफल बनाया। अंत में ऋतन्धरा मिश्रा ने आभार ज्ञापन किया।
Ghoomta Aina | Latest Hindi News | Breaking News घूमता आईना | News and Views Around the World
Ghoomta Aina | Latest Hindi News | Breaking News घूमता आईना | News and Views Around the World