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राजद्रोह से मिली ज़मानत बुलंदशहर के योगेश को

 

बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज को राजद्रोह में जमानत मिली। बुलंदशहर के स्याना में गोकशी के कारण हुई हिंसा में ही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी।

विधि विशेषज्ञ  जे.पी. सिंह की कलम से

पिछले साल दिसंबर के माह में हुई बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। योगेश राज को राजद्रोह (धारा 124ए) के मामले में जमानत मिली है। बुलंदशहर के स्याना में गोकशी के कारण हुई हिंसा में ही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी।

योगेश पर हिंसा भड़काने का आरोप है। इससे पहले कई अन्य आरोपियों को भी जमानत मिली है।
पिछले साल 3 दिसंबर को हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।इस दौरान पूरे गांव में जमकर आगजनी और बलवा हुआ था। बदमाशों ने सरकारी वाहन और पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में यूपी पुलिस ने मामला दर्ज कर 38 लोगों को जेल भेजा था। 38 में से 6 आरोपी साढ़े सात महीने के बाद जेल से जमानत पर रिहा होकर शनिवार को बाहर निकले थे।
इस हिंसा के आरोपी शिखर अग्रवाल भाजपा युवा मोर्चा के स्याना के पूर्व नगर अध्यक्ष हैं, जबकि उपेंद्र सिंह राघव अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के विभाग अध्यक्ष हैं। घटना से पहले वह विश्व हिंदू परिषद के विभाग अध्यक्ष रह चुके थे। इसी कारण इनके स्वागत में कई हिंदुवादी संगठन के लोग इकट्ठा हुए।जेल से बाहर आने पर
इन आरोपियों का भी स्वागत फूल माला पहनाकर किया गया है। इस दौरान जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे भी लगे. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।हिंसा के आरोपी जीतू फौजी, शिखर अग्रवाल, हेमू, उपेंद्र सिंह राघव, सौरव और रोहित राघव शनिवार को जमानत मिलने के कारण जेल से रिहा क्र दिया गया।
बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। बजरंग दल का एक स्थानीय नेता योगेश राज उन लोगों में शामिल था, जिन्होंने महाव गांव में मवेशी का शव मिलने के बाद भड़की हिंसा के दौरान भीड़ को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को मारने के लिए उकसाया था। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम कर रही है। पुलिस ने योगेश राज के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 के तहत मामला दर्ज किया था।राजद्रोह (धारा 124ए) की धारा बाद में जोड़ी गयी थी।
पुलिस को कथित गोकशी की सबसे पहले जानकारी देने वाला भी योगेश राज ही था।उसने जो पुलिस को बयान दिया है उसमें कहा कि उसने खेतों में गोकशी होते देखा था । योगेश ने बताया था कि जब वो स्याना गांव के आसपास के खेतों में घूम रहा था तो उसने मुस्लिम समुदाय के 6 लोगों को देखा थ। वे लोग एक गाय की हत्या कर रहे थे।

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