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हेल्दी लाइफ स्टाइल एवं स्वस्थ आहार से बढ़ेगी इम्युनिटी: प्रोफेसर एस एन सिंह

विश्व आयुर्वेद मिशन द्वारा झंडु इमामी ग्रुप के सौजन्य से संक्रामक रोग प्रबंधन में आयुर्वेद की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन-

हेल्दी लाइफ स्टाइल एवं स्वस्थ आहार से बढ़ेगी इम्युनिटी-प्रोफेसर एस एन सिंह

विश्व आयुर्वेद मिशन द्वारा स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 13 मार्च को स्थानीय होटल में किया गया। भगवान धन्वंतरि की पूजा एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ।

मुख्य अतिथि निदेशक आयुर्वेद सेवाएं उत्तर प्रदेश प्रोफेसर एसएन सिंह ने कहा कि संक्रामक रोगों से बचाव में हमारे शरीर की इम्युनिटी का मजबूत होना आवश्यक है। स्वस्थ आहार एवं हेल्थी लाइफस्टाइल को अपनाकर व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है उन्होंने आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयुर्वेद के क्षेत्र में निरंतर किए जा रहे प्रयासों के विषय में विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने प्रदेश सरकार की आयुष आपके द्वार, मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से होने वाले लाभ के विषय मे बताया।
उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के निर्देशन में प्रदेश में सम्पन्न हुए विधान सभा चुनाव में ड्यूटी पर लगे कार्मिकों को इम्युनिटी वर्धक आयुरक्षा किट का वितरण किया गया। कई हेल्थ वैलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि किसी भी महामारी से निपटने के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों का एक होना नितांत आवश्यक है। इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम से हम किसी भी बीमारी से समाज को बचा सकते हैं। उन्होंने विश्व आयुर्वेद मिशन के कार्यों की प्रशंसा करते हुए बताया लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है।

कार्यक्रम संयोजक एवं विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष प्रोफेसर जी एस तोमर ने कहा कि एंटीबायोटिक्स (जीवाणुरोधी) दवाओं को लेकर विश्वस्तर पर शोध किया जा रहा है, जिसमें इन दवाओं से मरीज के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता में कमी देखी जा रही है । इसके परिणामस्वरूप मरीजों में इसका कम असर हो रहा है। इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन भी चिंतित है। वर्तमान परिदृश्य में आयुर्वेदीय जीवनशैली एवं ओजवर्धक औषधियाँ ही हमें आगे आने वाले नए नए संक्रामक रोगों से बचा पाऐंगे ।
आयुर्वेद में वर्णित अनेक रसायन और औषधियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर गंभीर रोगों में काफी प्रभावकारी साबित हो रही हैं। आने वाले समय में एंटीबायोटिक की प्रभावकारिता समाप्त होने पर आयुर्वेद की उपयोगिता काफी तेजी से सिद्ध होगी। इसको लेकर अब तक किए गए शोध और प्रयोग से कई चमत्कारिक परिणाम देखने को मिला है।
इस अवसर पर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पूर्व शोध अधिकारी डॉ शांति चौधरी ने बताया कि आजकल बच्चों में बीमारी का मुख्य कारण उनका गलत खान पान और बिगड़ी हुई दिनचर्या है। फास्ट फूड जंक फूड इन सभी के प्रयोग से बच्चे अक्सर बीमार रहते हैं।


मां शारदा हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ आरके अग्रवाल ने बताया कि आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का कोरोना काल मे सभी ने इस्तेमाल किया और इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से डॉ अजय पांडेय ने बीमारी के संक्रमण के सैद्धान्तिक पक्ष को रखा। वैद्य सुशील कुमार दुबे ने बताया कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आहार नियम, अष्टांग आयुर्वेद, कोविड प्रोटोकॉल, वेलनेस सेंटर जैसे महत्वपूर्ण कांसेप्ट नोट को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।


स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ अंजना सक्सेना ने महिलाओं में होने वाले प्रमुख संक्रामक रोगों से बचाव की जानकारी दी।बाल रोग विशेषज्ञ डॉ वीरेंद्र कुमार ने बच्चों में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिएआयुर्वेदिक इम्युनाईजेशन स्वर्ण प्राशन संस्कार के विषय में जानकारी दी।

वैज्ञानिक सत्र में वक्ता के तौर पर डॉ सुरेश कुमार, डॉ आर के सिंह, डॉ बीएस रघुवंशी, डॉ भरत नायक डॉ हेमंत कुमार सिंह,वैद्य सनातन मिश्र, डॉ आशीष त्रिपाठी, डॉ आर के सिंह, डॉ अवनीश पाण्डेय,डॉ अपेक्षा राय एवं डॉ आदित्य मिश्रा ने अपने विचार रखे।
प्रोफेसर एस एन सिंह को कोरोना काल मे उत्कृष्ट कार्यों के लिए अभिनंदन पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विश्व आयुर्वेद मिशन के द्वारा बी ए एम एस छात्रों के लिए आयोजित राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार चंद्रशेखर सिंह आयुर्वेद संस्थान कौशाम्बी की अंजली पटेल, द्वितीय पुरस्कार राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज हंडिया की मीनाक्षी बरनवाल, तीसरा स्थान एस ए एस वाराणसी के निशांत को मिला।श्री कृष्ण आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की छात्राओं जागृति एवं नेहा पाण्डेय को सांत्वना पुरस्कार मिला।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी प्रतापगढ डॉ सरोज शंकर राम, क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी प्रयागराज डॉ शारदा प्रसाद, डॉ मंजू अग्रवाल, डॉ अपेक्षा राय, प्रतापगढ़, कौशाम्बी एवं प्रयागराज के चिकित्सक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन विश्व आयुर्वेद मिशन के उत्तर प्रदेश सचिव डॉ अवनीश पाण्डेय ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन राजेन्द्र सिंह ने किया।

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