हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों की जांच सीबीआई को
तीन दरोगा और दो वकील भी जांच के दायरे में
प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो सगे अधिवक्ता बंधुओं के विरुद्ध दर्ज कराये गये तीन मुकदमों की जांच सीबीआई से कराये जाने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। आरोप है कि कुशीनगर जिला के हनुमानगंज थाना में तैनात रहे तीन दरोगा और कुशीनगर कचहरी के दो वकील मिलकर बेगुनाह लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर फिर ब्लैकमेल कर रुपए वसूलने का कार्य करते थे।
कुशीनगर जिला के हनुमान गंज थानांतर्गत तुरकही गांव के मूल निवासी रामप्यारे लाल श्रीवास्तव और सुबाश श्रीवास्तव प्रयागराज के कालिंदी पुरम मोहल्ले में रह कर इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। दोनों सगे भाई हैं। कुशीनगर में मनरेगा योजना में हुई अनियमिताओं को लेकर जनहित याचिकाए भी दाखिल कर चुके हैं, सामाजिक कार्य अच्छे ढंग से करने पर सदी के नायक अमिताभ बच्चन के हाथों से सम्मानित भी किया गया है। क्षेत्र की जन समस्याओं को उजागर करने से थाने के कथित दलालों और पुलिस कर्मियों की आंखों में वे खटकने लगे, इस कारण उन पर कई फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर परेशान किया जाने लगा। इस षड्यंत्र में हनुमान गंज थाना में तैनात रहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष विभा पाण्डेय, एस आई विशाल कुमार सिंह एवं धनंजय कुमार राय के साथ कुशीनगर कचहरी के दो वकील सुनील कुमार श्रीवास्तव, महंत गोपाल दास के शामिल होने का आरोप है।
तत्कालीन थानाध्यक्ष विभा पाण्डेय एवं एस आई विशाल कुमार सिंह से मुलाकात कर पीड़ित अधिवक्ता बंधुओं ने अपना पक्ष रखा और अन्याय न करने का अनुरोध किया तो दोनों ने पुलिसकर्मीमियों ने कहा कि हम लोगों की लिखी हुई एफआईआर ब्रह्म की लकीर है जिसे कचहरी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कोई भी नहीं बचा पायेगा। हमने बहुत से हाईकोर्ट के वकीलों को देखा है, हम लोगों का कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता है।
पीड़ित अधिवक्ता बंधुओं ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ,ए डीजी गोरखपुर, डीआईजी गोरखपुर एवं पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को पत्र भेजकर अवगत कराया था। साथ ही निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की ।
गत ०६.१०.२०२० को एस पी कुशीनगर को रजिस्टर्ड पोस्ट से भेजें गये पत्र में कहा कि ३.१०.२०२० को एस आई विशाल कुमार सिंह से मुलाकात की , तब उन्होंने कहा कि आपके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए ५० हजार रुपए मिले हैं, यदि इतनी ही धनराशि आप मुझे देंगे तब हम उस मुकदमे को खत्म कर देंगे और आप के विरोधियों को जेल भेज देंगे चूंकि इस समय हम मुकदमे के जांच अधिकारी हैं, अभी सबकुछ हमारे हाथ में है।
पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर पीड़ित अधिवक्ता बंधुओं ने इंटरवेंशन एप्लिकेशन हाईकोर्ट में पहले से चल रहे निक्की देवी वनाम राज्य व अन्य के मामले में दाखिल किया, जिसमें २५.०९.२०२० को हनुमान गंज थाना में मुकदमा अपराध सं ९१/२०२० धारा ३५४ के,१४७,१४८,३२३,३०८,४२७,४५२,५०४,५०६ आई पी सी, तहत हाईकोर्ट के दो वकीलों सहित गांव के ११ लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी तरह परिवाद संख्या १३६१५/२०२० धारा ३२३,५०४,५०६,४२७ आई पीसी के तहत हाईकोर्ट के अधिवक्ता बंधुओं, परिवाद संख्या ४२९/२०१९ एस सी एस टी एक्ट तहत तमंचा चलाने का आरोपी बनाया गया, इन तीनों मामलों की जांच सीबीआई को करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया।
न्यायमूर्ति चौधरी ने अपने आदेश में कहा कि डीजीपी जांच में सहयोग हेतु ६ अधिकारी सीबीआई को उपलब्ध करायेगे ,जो इंस्पेक्टर रैंक के होंगे, जांच पूरी होने तक दर्ज मुकदमों पर स्थगन आदेश जारी रहेगा। मामले की अगली सुनवाई १५.०५.२०२३ को होगी। उस दिन सीबीआई अपनी जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।



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