
डॉ दिलीप अग्निहोत्री
लखनऊ।
पूर्व राज्यपाल राम नाईक को आमजन के बीच रहना पसंद था। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बनने के बाद भी उन्होंने अपनी इस चिरपरिचित जीवन शैली में कोई बदलाव नहीं किया था। राजभवन के दरवाजे लोगों के लिए खोलने के अपने वादे पर वह लगातार पांच वर्ष तक अमल करते रहे। यही कारण था कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह आयोजित करने वाला पहला राजभवन लखनऊ का ही था। इसमें पहली बार स्वामी रामदेव योग कराने के लिए उपस्थित हुए था।

गत वर्ष भी योग दिवस पर उल्लास पूर्ण आयोजन किया गया था। संख्या इतनी थी कि राजभवन का विशाल मैदान छोटा पड़ गया था। इसमें राम नाईक के अलावा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा के अलावा अनेक मंत्रीगण,वरिष्ठ अधिकारी,विद्यार्थि आदि एक साथ योग कर रहे थे। राजनाथ सिंह ने भी योग में अपनी निपुणता प्रमाणित की थी। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक प्रतिष्ठा मिली है। योग में सम्पूर्ण विश्व व मानवता के कल्याण की ही कामना है। तब राजभवन का पूरा प्रांगण योगमय हो गया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं योगी हैं। उन्होंने योग दिवस पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में योग किया था। इसके पहले स्वामी रामदेव भी उनके योग करने से प्रभावित हुए थे। तब रामदेव ने कहा था कि इस प्रदेश में तो मुख्यमंत्री ही योगी है,उनको योगासन के संबन्ध में कुछ बताने व समझाने की आवश्यकता नहीं है। तब योगी आदित्यनाथ ने अपना मन्तव्य बताया था। उनका कहना था कि व्यक्ति का जीवन भोग के लिए नहीं,बल्कि योग के लिए है। योग रोग से मुक्ति प्रदान करता है। साथ ही चराचर जगत के अनेक सुखद रहस्यों का साक्षात्कार भी कराता है। जिनका सामान्य रूप से अनुभव नहीं किया जा सकता। यह क्षमता केवल योग से प्राप्त होती है। ईश्वर की सभी कृतियों में मनुष्य को ही विवेक शक्ति मिली है। इसे योग के माध्यम से जागृत किया जा सकता है।
तत्कालिन राज्यपाल का तो योग से पुराना नाता रहा है। विद्यार्थी जीवन मे कक्षा एक से लेकर कक्षा बारह तक वह जिस विद्यालय में पढ़ते थे, वहां प्रतिदिन बीस सूर्य नमस्कार कराए जाते थे। यह उनके जीवन का अंग बन गया। शायद योग से ही उन्हें चरैवेति चरैवेति की प्रेरणा मिली। सूर्य ऊर्जा प्रदान करते हैं। योग से व्यक्ति को ऊर्जा मिलती है। वह मानते थे कि योग दिवस समारोह के आयोजन से राजभवन की गरिमा बढ़ है। योग शरीर के साथ मन को भी स्वस्थ रखता है। ऐसा कोई दूसरा शरीर विज्ञान आज तक नहीं बन सका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसको विश्व से परिचित कराया। इसका विराट रूप योग दिवस पर विश्व में दिखाई देता है।

इस बार कोरोना के दृष्टिगत दिशानिर्देश लागू है। इसलिए पहले की तरह आयोजन संभव नहीं है। फिर भी दिशा निर्देशों के अनुरूप योगी आदित्यनाथ ने योग दिवस पर कार्यक्रम निर्धारित किये है। उन्होंने छठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को शीघ्रता से अंतिम रूप देकर उनका व्यापक प्रचार प्रसार कराए जाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संदेश तथा भारत सरकार के सामान्य योग प्रोटोकाॅल को सम्मिलित करते हुए आयोजित किया जाएगा।
इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम योग एट होम अर्थात घर पर योग परिवार के साथ योग की संकल्पना के साथ सम्पन्न किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रस्तावित प्रतियोगिता योग दिवस चैलेन्ज,उत्तर प्रदेश का आयोजन होगा। विजेताओं का चयन पूरी तरह पारदर्शी मानदण्डों के आधार पर होगा।
मुख्यमंत्री के समक्ष आयुष विभाग द्वारा एक प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिसमें अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रातः साढ़े छह बजे से दूरदर्शन पर योग दिवस कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सम्बोधन के साथ ही प्रातः सात बजे से पैंतालीस मिनट तक सामान्य योग प्रोटोकाॅल का प्रसारण किया जाएगा। इस प्रसारण के दौरान ही प्रदेशवासियों के लिए मुख्यमंत्री का अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का सम्बोधन भी प्रसारित होगा। योग दिवस पर वीडियो ब्लाॅगिंग प्रतियोगिता मेरा जीवन मेरा योग का आयोजन किया जा रहा है। इसी तर्ज पर राज्य में योग दिवस चैलेन्ज,उत्तर प्रदेश प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन राज्य व जनपद स्तर पर किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य के किसी भी जनपद के प्रतिभागी को दूरदर्शन तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे सामान्य योग प्रोटोकाॅल के अनुसार योग करते हुए अपनी तीन से पांच मिनट की योगाभ्यास की वीडियो सोशल मीडिया के फेसबुक,ट्विटर, इंस्टाग्राम,यू ट्यूब पर अपलोड करनी होगी।
इसे परिचय सहित आयुष सोसाइटी के सोशल मीडिया पेज हैण्डल्स को टैग करना होगा। वीडियो अपलोड करने के बाद प्रतियोगिता हेतु पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए दो विकल्प उपलब्ध हैं। पहला आयुष कवच एप का प्रयोग कर रहे प्रतिभागी इस एप के माध्यम से लाॅगिन कर पंजीकरण करा सकते हैं। दूसरा आयुष कवच एप का प्रयोग नहीं कर रहे प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसाइटी,लखनऊ की वेबसाइट पर लाॅगिन कर पंजीकरण करा सकते हैं।
प्रतियोगिता के लिए तीन श्रेणियां महिला,पुरुष एवं योग पेशेवर निर्धारित की गई हैं। महिला व पुरुष श्रेणी के अंतर्गत तीन वर्ग वरिष्ठ नागरिक साठ वर्ष से अधिक, वयस्क अठारह से साठ वर्ष तथा बालक पांच से सत्रह वर्ष निर्धारित किए गए हैं। योग पेशेवर श्रेणी के अंतर्गत महिला व पुरुष वर्ग तय किए गए हैं। तीनों श्रेणियों के सभी आठ वर्गों हेतु प्रथम,द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कार निर्धारित करने हेतु राज्य स्तर पर हर श्रेणी के प्रत्येक वर्ग में कम से कम एक हजार तथा जनपद स्तर पर कम से कम सौ प्रतिभागियों द्वारा पंजीकरण कराया जाना आवश्यक है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य में आयुष कवच एप तथा उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसाइटी के फेसबुक पेज पर लाइव योग सेशन, योग लेक्चर सीरीज़, इम्युनिटी एवं योग वेबिनार तथा योग डे लाइव सेशन आदि गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।
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