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“इनक्यूबेशन के अवसर और उद्यमिता” विषय पर व्याख्यान*

*स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज़, लखनऊ द्वारा “इनक्यूबेशन के अवसर और उद्यमिता” विषय पर व्याख्यान*

लखनऊ स्थित स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज़ ने अपने एसएमएस इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरियल फाउंडेशन के सहयोग से “इनक्यूबेशन के अवसर और उद्यमिता” विषय पर एक प्रेरक विशेषज्ञ व्याख्यान का सफल आयोजन किया।

मुख्य वक्ता सुश्री वंदना शर्मा, प्रबंधक, इनोवेशन हब, एकेटीयू, लखनऊ रहीं। उन्होंने छात्रों और संकाय सदस्यों को इनक्यूबेशन सहायता, नवाचार एवं उद्यमिता के विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, विशेष रूप से प्रारंभिक चरण के उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।

श्री शरद सिंह, सचिव एवं मुख्यकार्यकारी अधिकारी ने छात्रों को सरकार द्वारा स्टार्टअप्स और उद्यमशीलता के लिए संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि नवीन विचार रखने वाले उद्यमियों को अनुदान एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध है, जो उन्हें अपने सपनों को साकार करने में मदद कर सकती है।

प्रो. भरत राज सिंह, महानिदेशक (तकनीकी), ने स्वागत भाषण में एसएमएस की नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि एसएमएस केवल नौकरी पाने वालों को तैयार नहीं करता, बल्कि उन्हें नौकरी देने वाला बनने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि कई छात्र-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स विकास के चरण में हैं और जल्द ही बाजार में अपनी पहचान बनाएंगे।

इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह (एसोसिएट डायरेक्टर), प्रो. प्रमोद कुमार सिंह, डीन-छात्र कल्याण, डॉ. हेमंत कुमार सिंह, डीन, इंजीनियरिंग, प्रो. अमरजीत सिंह, चीफ प्रॉक्टर एवं प्राचार्य-डिप्लोमा, डॉ. अरुणेश श्रीवास्तव, प्रबंधक, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरियल फाउंडेशन और डॉ. अजय यादव , विभागाध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. श्रिंखला श्रीवास्तव, डॉ. पुष्पांजलि, डॉ. शोभना सिंह, डॉ. मन मोहन सिंह, सुश्री सुजाता सिन्हा एवं अन्य संकाय व स्टाफ ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया।

व्याख्यान के अंत में छात्रों ने मुख्य वक्ता से स्टार्टअप्स और उद्यमिता से जुड़े प्रश्न पूछे और सुझाव प्राप्त किए, जिससे उन्हें अपने विचारों को आगे बढ़ाने में दिशा मिली। एसएमएस का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन व संसाधन उपलब्ध कराते हैं।

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