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लखनऊ के चिनहट में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत, पड़ोसन पर हत्या का आरोप

चिनहट में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत
पड़ोसी महिला पर हत्या का आरोप
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
ए अहमद सौदागर
लखनऊ।

राजधानी लखनऊ के शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग, अधेड़ व नई उम्र के युवा बदमाशों के या फिर मामूली कहासुनी के बाद अपनों के निशाने पर हैं।
वर्ष 2021 की जनवरी से लेकर 17 मार्च के बीच कहीं पर सरेआम तो कहीं पर सरेशाम तो कहीं घर में घुसकर कातिलों, लुटेरों, डकैतों, चोरों व हत्यारों ने घटनाओं को अंजाम दिया। कमिश्नरेट पुलिस और ग्रामीण पुलिस ने कई वारदातों का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा, लेकिन अभी भी कुछ ऐसी संगीन घटनाएं हैं जो पुलिस की फाइलों में गोते लगा रही हैं।

चिनहट थाना क्षेत्र के जलसेतु चौकी क्षेत्र स्थित कांशीराम कॉलोनी में बुधवार को 23 वर्षीय संजय कुमार गुप्ता का शव संदिग्ध हालात में उसके मकान की दहलीज पर औंधे मुंह पड़ा मिला। मौके पर पहुंचे एसीपी प्रवीण मलिक व इंस्पेक्टर चिनहट धनंजय पांडे शव को कब्जे में लेकर फ़ॉरेंसिक दस्ते के साथ छानबीन की, लेकिन पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी कि संजय की मौत कैसे हुई है।
घरवालों का आरोप है कि पड़ोसी में रहने वाली एक महिला व उसकी बेटी ने मिलकर मार डाला है, जबकि इंस्पेक्टर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ़ हो सकेगा कि मौत कैसे हुई है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच-पड़ताल कर रही है।
मूल रूप से जनपद उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र के हड़हा गांव निवासी ऊषा गुप्ता के पति अनुप गुप्ता की एक साल पहले मौत होने के बाद बड़े बेटे अजय गुप्ता, संजय गुप्ता व बेटी स्वाति गुप्ता के साथ चिनहट क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी स्थित 61/8 में करीब तीन साल से किराए पर रहतीं हैं।

ऊषा के मुताबिक उनका छोटा बेटा संजय कुमार गुप्ता गोमतीनगर स्थित एक मॉल में नौकरी करता था, जबकि छोटा बेटा टेंपो चलाता है और ऊषा कॉलोनी के पास सैंडविच का ठेला लगाकर परिवार का जीवन यापन करतीं हैं।

ऊषा की मानें तो उनके बेटे संजय का मकान की ऊपरी मंजिल पर रहने वाली एक महिला के घर काफी आना-जाना लगा रहता था, जिसको लेकर कई बार उक्त महिला व उसकी बेटी से कहासुनी भी हो चुकी थी।
ऊषा के मुताबिक संजय मंगलवार को काम पर नहीं गया था और करीब दस बजे रात को संजय उसी महिला के घर दिखा था।

उन्होंने ने बताया कि बुधवार सुबह अजय के मौसा रामबक्स गुप्ता ने कमरे का दरवाजा खोला तो देखा कि संजय औंधे मुंह चौखट के पास पड़ा है और उसके गले पर किसी चीज से दबाव के निशान थे।
यह माजरा देख अजय ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
खबर मिलते ही एसीपी प्रवीण मलिक व इंस्पेक्टर चिनहट धनंजय पांडे सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट के साथ छानबीन की।
इंस्पेक्टर के मुताबिक मृतक संजय के शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं दिख रहे हैं, लिहाजा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ़ हो सकेगा कि मौत कैसे हुई है।

वहीं मृतक की मां ऊषा गुप्ता ने उनके मकान की ऊपरी मंजिल पर रहने वाली एक महिला व उसकी बेटी पर हत्या करने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर चिनहट धनंजय पांडे के मुताबिक मामले की गहनता से जांच-पड़ताल की जा रही है।
बेटे की मौत पर परिजनों में कोहराम
पति की मौत के बाद ऊषा गुप्ता बेटा अजय, संजय व बेटी स्वाति को लेकर किसी तरह जीवन यापन करती है।
अजय के बाद संजय कुमार गुप्ता का जन्म हुआ तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। उसके बाद घर में लक्ष्मी के रूप में स्वाति पैदा हुई। दो भाइयों में स्वाति इकलौती बहन है।
भाई की मौत से स्वाति रो-रोकर बेहाल है, जबकि ऊषा बेसुध तो छोटा भाई संजय कुमार गुप्ता गुमशुम है। बस उनका एक ही सवाल है कि आखिर संजय को किसने मारा। हालांकि ऊषा की जुबान पर एक ही चर्चा है कि संजय की हत्या पड़ोसी महिला ने बेटी के साथ मिलकर की है। वहीं संजय की मौत के बाद कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है कोई इसे प्रेम प्रसंग जोड़ कर बातें करता फिर रहा है तो कोई इसे रंजिशन का मामला जोड़ कर दबी जुबान में चर्चा करता नजर आ रहा था।
वहीं पुलिस अफसरों का कहना है कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक कुछ नहीं कहा जा सकता है कि संजय की मौत कैसे हुई है
,,,, पड़ोसी के घर जाना चली गई पोते की जान,
तकरीबन सौ साल पार कर चुकी रामरति उस मकान की दहलीज और ऊपरी मंजिल की सीढ़ियों की ओर इशारा करते ही फफक-फफक कर रो पड़ी, जो उनके पोते के लिए मौत का स्थान बन गया। भर भराई आवाज में वह बोली कि जिस घर की दहलीज पर उनका पोता उछल कूद कर दादी का पैर छूकर आशीर्वाद लेता था और यही दहलीज पर पोते की लाश देखने को मिली। यह कहकर रामरति बेहाल होकर गिर पड़ी। आसपास के लोग उन्हें और उनकी बहू ऊषा को सांत्वना देने में जुटे रहे। कांशीराम कॉलोनी में
दबी जुबान में चर्चा है कि संजय की जान रोज के खिचखिच से चली गई। फिलहाल संजय की बूढ़ी दादी रामरति का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

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