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लखनऊ में ‘जनसुनवाई आमने-सामने’ शुरू

पीड़ितों को मदद दिलाएगी जनसुनवाई आमने-सामने की नई योजना

अब नहीं चलेगी मनमानी
विवेचना पूरी नहीं की तो होगी कार्रवाई
दो चौकी प्रभारी हुए लाइन हाजिर

ए अहमद सौदागर

लखनऊ।

पुलिस अब रिपोर्ट दर्ज कर के चुप्पी नहीं साध पायेगी, बल्कि जल्द से जल्द पूरे मामले का निस्तारण कर फरियादियों को इंसाफ दिलाएगी।
मारपीट का मामला हो या फिर दहेज उत्पीड़न का या अन्य मामलों को लेकर पीड़ित को दर-दर अटकना नहीं पड़ेगा।
किसी भी मामले में विवेचक फरियादियों की फरियाद सुन कर उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए तक आएगी नहीं, बल्कि मुकदमों का निस्तारण कर इसकी रिपोर्ट संबंधित अफसरों तक भेजेगी।
नागरिकों पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए पुलिस आयुक्त सुजीत पांडे ने एक नई योजना लागू की जिसका नाम जनसुनवाई आमने-सामने।


इसकी शुरुआत शनिवार को पुलिस लाइन में काफी दिनों से लंबित पड़ी 50 विवेचना का निस्तारण करने के लिए जनसुनवाई आमने-सामने का आयोजन रखा। इस मौके पर फरियादी एवं विवेचक आमने-सामने हुए।
फिलहाल जन सुनवाई के दौरान करीब 48 फरियादियों का मामला निस्तारण किया गया, जबकि तो विवेचक हसनगंज के मदेयगंज चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार एवं मड़ियाओं के केशव नगर चौकी प्रभारी डीके सिंह फरियादियों को संतुष्ट करने के बजाय काफी दिनों से टरका रहे थे की इसकी जानकारी मिलते ही कमिश्नर का गुस्सा फूट पड़ा और तत्काल प्रभाव से दोनों लापरवाह चौकी प्रभारियों को लाइन का रास्ता दिखा दिया।


इस मामले में पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे का कहना है कि यह कार्यक्रम एक-दो दिन नहीं बल्कि हर सप्ताह चलेगा इस दौरान कोई भी विवेचक लापरवाही मिली तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस कमिश्नर का कड़ा तेवर देख हर वह विवेचन सकते में आ गया और सोचने के लिए मजबूर हो गए थे इस दौरान कौन बचेगा कौन नापेगा।

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