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डिफेंस क्षेत्र में निवेश के लिए यूपी में अपार संभावनाएं

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

मुख्यमंत्री बनने के तत्काल बाद योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने पर विशेष ध्यान दिया था। इसके सकारात्मक परिणाम भी हुए। इसके अलावा उन्होंने अनेक इवेंट के माध्यम से उत्तर प्रदेश को लाभान्वित करने पर जोर दिया। इन्वेस्टर्स समिट से लेकर डिफेंस एक्सपो तक इसके प्रमाण है।

डिफेंस एक्सपो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पाद में आत्मनिर्भरता का मंसूबा व्यक्त किया था। इन्होंने यह भी दावा किया था कि अगले कुछ वर्षों में भारत रक्षा उत्पादों का निर्यातक बन जाएगा। अब ज्यादा समय तक रक्षा मामलों में भारत आयतित हथियारों पर निर्भर नहीं रह सकता। यह स्थिति भारत जैसे बड़े देश की प्रतिष्ठा के अनुरूप भी नहीं है। इसके अलावा जब भारत में बड़े पैमाने पर रक्षा सामग्री का उत्पादन होगा, तब भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।इसके अलावा परोक्ष व अपरोक्ष रूप से रोजगार का भी सृजन होगा। मोदी ने इसी संदर्भ में कहा था कि भारत बड़ा बाजार मात्र नहीं, बड़ा अवसर भी है। अब भारत को रक्षा निर्माण केन्द्र के रूप विकसित किया जाएगा।

100 से अधिक एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज डिफेंस एक्सपो 2020 के तहत बंधन कार्यक्रम का शानदार शुभारंभ किया। रक्षामंत्री व सीएम की मौजूदगी में 100 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। रूस ने भारत के साथ कुल 15 समझौते किए हैं। वहीं यूपी सरकार के साथ कुल एमओयू पर समझौता किया गया है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर का इनिशियल ऑपरेशन क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्रदान किया और कई अत्याधुनिक हथियारों को चलाकर भी देखा। बंधन कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री के साथ थल सेना अध्यक्ष भी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्रालय के सचिव अजय कुमार ने बताया कि डिफेंस एक्सपो में अब तक कुल 100 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें रूस ने 15 और यूपी में काम करने के लिए कुल 23 कंपनियों ने एमओयू साइन किया है। वहीं डीआरडीओ के चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी ने बताया कि डीआरडीओ ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से जुड़े 15 एमओयू साइन किए हैं। डीआरडीओ ने एमएसएमई के सहयोग के लिए कई नई योजनाएं बनाई हैं। हम यूपी में रक्षा उद्योग बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।

लखनऊ का डिफेंस एक्सपो रक्षा मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहायक है। यहां योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पहली बार वायु सेना के हवाई जहाज डोनियर लखनऊ से वाराणसी, बरेली और आगरा तक यात्री विमान सेवा उपलब्ध कराएंगे। एचएएल निर्मित उन्नीस सीटर यह विमान सुरक्षित माने जाते हैं।भारत के साथ उत्तर प्रदेश को भी गतिशील विश्वस्तरीय घरेलू रक्षा इंडस्ट्री बनाया जाएगा। रक्षा आयात पर भारत की निर्भरता धीरे धीरे कम की जा रही है। इस दशक के आखिरी तक देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा। डिफेंस एक्सपो
वैश्विक रिश्तों का सूत्रधार के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। रक्षा क्षेत्र में तेजी से बदल रही तकनीकों को जानने और उनसे जुडने का अवसर मिलेगा। इवेंट एक ग्लोबल बेंचमार्क है। यह मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने में यह आयोजन सहायक होगा। देश में निर्मित यात्री विमान का उपयोग करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन जाएगा।

डिफेंस एक्स्पो भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर,निर्यातक बनेगा।भारत रक्षा उत्पादों का निर्यात भी करेगा। यूपी के लिए भी रक्षा क्षेत्र में निवेश की अपार संभावना हैं। हजारों करोड़ के निवेश एमओयू का मार्ग प्रशस्त हुआ है। डिफेंस कारीडोर निवेश हेतु उत्तर प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश में पच्चीस हजार एकड़ लैंड बैंक है। डिफेंस क्षेत्र में निवेश के लिए उत्तर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। अयोध्या, कुशीनगर और वाराणसी में इंटरनेशनल ऐयरपोर्ट का निर्माण प्रगति पर है। यह एक्सप्रेस वे जहां से गंगा जी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं, और जहां से उत्तर प्रदेश से बिहार में प्रवेश करती हैं, वहां तक जाएगी।

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