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मामा ने किया सगी भांजी का अपहरण, मांगे दस लाख रुपए

पुलिस ने मासूम लाइबा को किया सकुशल बरामद

अपहरणकर्ता मामा गिरफ्तार
10 लाख की फिरौती की मांग की थी बहन से 

ए अहमद सौदागर

लखनऊ।

गुंडे व बदमाशों के हौसले ही नहीं बुलंद है, अपनों का भी आतंक कम नहीं है। गुडंबा थाना क्षेत्र के ग्राम बेहटा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची लाइबा का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया।


घरवालों को इसकी जानकारी उस समय हुई जब अपहरणकर्ता ने मोबाइल फोन पर 1000000 रुपए की फिरौती की मांग की।
यह सुनते ही मासूम बच्ची की मां अनीसा बानो व पति नईम के होश उड़ गए।
आनन-फानन में अनीसा ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
मासूम बच्ची को अगवा किए जाने की खबर मिलते ही पुलिस के हाथ पाव फूल गए और सर्विलांस की मदद से गुडंबा पुलिस सक्रिय हुई और अपहरणकर्ता गिरफ्तार कर मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।


खास बात यह है कि अपहरणकर्ता कोई और नहीं, बल्कि सीतापुर जिले के महमूदाबाद थाना क्षेत्र स्थित नूरपुर गांव निवासी शोएब निकला जो मासूम लाइबा का सगा मामा है।

पूरे घटनाक्रम पर एक नजर

गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा गांव रहने वाले मोहम्मद नईम अपनी पत्नी अनीशा बानो एवं मासूम बच्ची लाइबा सहित परिवार के साथ रहते हैं।
अपर पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक गुडंबा के बेटा गांव निवासी अनीशा बानो पत्नी मोहम्मद नईम ने शुक्रवार को गुडंबा थाने में सूचना देकर बताया कि सीतापुर जिले के महमूदाबाद थाना क्षेत्र स्थित नूरपुर गांव निवासी उसका भाई शोएब बीते तीन-चार दिन से घर पर था और अचानक उनकी 4 वर्षीय बेटी लाइबा को शोएब ने दुकान पर टॉफी दिलाने के बहाने ले गया और कुछ देर ही बात बेखौफ शोएब नेअपनी बहन अनीशा को आवाज बदलकर फोन कर कहा की 1000000 रुपए दे दो वरना तुम्हारी बेटी को जान से मार दूंगा और किडनी गुर्दा बेच दूंगा।
सहायक पुलिस आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने बताया कि यह सुनते ही उनकी अगुवाई में एक टीम गठित की गई और सर्विलांस की मदद से अपहरणकर्ता शोएब को गिरफ्तार कर मासूम लाइबा को सकुशल बरामद कर लिया गया ‌।

लाडली को देख फफक पड़े माता पिता

अपहरणकर्ता शोएब के चंगुल से मुक्त हुई 4 वर्षीय लाइबा को शुक्रवार को पुलिस आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के ऑफिस लाया गया। उसके माता-पिता व अन्य परिवारी जन भी साथ में थे। एक पुलिस अधिकारी उसे गोद में लेकर आए तो परिवारी जन उसकी हालत देख फफक पड़े।
लोगों ने उससे पूछताछ की कोशिश की लेकिन बौखलाई हालत में वाह बस इतना बोली कि उसे उसका मामा शोएब साथ ले गया था।
अनीशा ने लाइबा को सकुशल देखा तो उसे गोद में बैठा लिया। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
लाइबा के पिता मोहम्मद नईम भी बेटी को सकुशल पाकर खुश थे, लेकिन उनका कहना था की आखिर शोएब का क्या बिगाड़ा था की वह उनकी बेटी को अगवा कर जान से मारने की धमकी दे डाला। नईम ने पुलिस टीम को शाबाशी दी और कहा कि काश पुलिस सक्रिय नहीं होती तो शायद उनकी बेटी नहीं मिलती।
परिवार के अन्य लोगों कभी कहना था कि बेटी सब कुशल मिल गई इससे बड़ी दौलत और क्या हो सकती है। इस सराहनीय कार्य को देखते हुए पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने पुलिस टीम को शाबाशी देने के साथ ही इनाम देने की घोषणा की है।

दहशत में गुजरे 2 घंटे

पुलिस ने मासूम लाइबा को 2 घंटे के भीतर बरामद कर लिया, लेकिन ये 2 घंटे मासूम लाइबा व उसके घरवालों के लिए पहाड़ जैसे गुजरे।
लाइबा की मां अनीशा बानो बेसुध पड़ी थी जबकि उसके पिता नईम पुलिस के साथ बच्ची की तलाश में दर-दर भटक रहे थे। मोहम्मद नहीं ने बताया कि बेटी का अपहरण होने की खबर मिलते ही ऐसा लगा मानो दुनिया उजड़ गई, लेकिन पुलिस की बदौलत हमें मेरी लाडली वापस मिल गई।

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