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मीरा फाउंडेशन द्वारा आयोजित मीरा स्मृति सम्मान एवं पुरस्कार समारोह

भाषा कोई भी हो लेखक होते रहना चाहिए। सम्मान सामाजिक आश्वासन है। निरंतर साधनारत लेखकों को आदर देने का भाव है। समाज के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन है।

यह उद्गार प्रख्यात लेखक, विचारक एवं साहित्य पत्रिका वागर्थ के संपादक शंभू नाथ जी द्वारा व्यक्त किए मीरा फाउंडेशन द्वारा आयोजित मीरा स्मृति सम्मान एवं पुरस्कार समारोह में अतिथि के रूप में। उन्होंने कहा कि ‌जहां आवाज नहीं वहां बोलना ही साहित्य है। तर्क और विवेक अंधेरे से घिरा हुआ है, साहित्य अंधेरे में दरार है रोशनी है। एक भयानक उदासी लेखकों के मन में छाई है शब्दों का कोई मूल्य नहीं शीर्ष स्तर पर झूठ बोला जा रहा है ऐसा लगता है कि लेखन निरर्थक होता जा रहा है। इस तरह का आयोजन , इतनी सारे लोगों की उपस्थिति यह विश्वास दिलाती है कि शब्दों से भरोसा टूटा नहीं , प्रयागराज की जिंदादिली को दिखाता है। मिट्टी तो वही होती है लेकिन कोई कड़वाहट सींचता है तो कोई मिठास।

कार्यक्रम के आरंभ में डॉक्टर एसके पांडे ने अतिथियों का स्वागत किया और डॉ विजय अग्रवाल ने मीरा फाउंडेशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि साहित्य के अभाव को दूर करने के उद्देश्य से मीरा फाउंडेशन की शुरुआत साहित्य भंडार के स्वामी सतीश अग्रवाल ने की।

मीरा फाउंडेशन द्वारा मीरा स्मृति सम्मान से सम्मानित नरेश सक्सेना जी ने कहा कि भयानक उदासीनता लेखकों के मन में छाई हुई है। शीर्ष स्तर पर झूठ बोला जा रहा है लेकिन झूठ का प्रतिकार नहीं हो रहा। डॉ ओम प्रकाश पांडे ने कहा यहां इतनी उपस्थिति देकर यह आभास हो रहा है कि धरती पर वांग्मयी सरस्वती विद्दमान है। शरीर गुजराल जिले कहा कि आज की पीढ़ी पिता की संपत्ति को संभालने को तैयार है लेकिन उनकी विरासत में मिली पुस्तकों का उनके लिए कोई मूल्य नहीं। हरीश चंद्र पांडे ने कहा कि सम्मान से हमारा उत्साहवर्धन हो रहा है।

कार्यक्रम में साहित्य भंडार द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ भेड़ियों का पोशांपा- सीमा शर्मा, भीष्म साहनी: एक रचनात्मक सफर- तरसेम गुजराल ,हिंदी भाषा परंपरा और प्रयोग -प्रोफेसर संतोष भदौरिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ आनंद श्रीवास्तव ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शान्ति चौधरी ने किया।

कार्यक्रम में डॉ जगदीश गुलाटी, प्रोफेसर पियूष रंजन अग्रवाल, डॉ धनंजय चोपड़ा डॉ सरोज सिंह, प्रदीप गुप्ता, प्रमोद बंसल, प्रोफेसर रामहित त्रिपाठी, डॉ विभा मिश्रा, डॉ उर्मिला श्रीवास्तव समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

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