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गांजे के विवाद में हुई थी पूड़ी विक्रेता की हत्या

गांजे के विवाद में हुई थी लखनऊ में पूड़ी विक्रेता की हत्या, सरगना समेत तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, कैंट में हुई घटना का मामला

ए अहमद सौदागर

लखनऊ

कैंट में पूड़ी विक्रेता दीपक उर्फ दीपू वर्मा की हत्या गांजा तस्करी को लेकर उपजे लेन देन के विवाद में की गई थी।
एसपी नार्थ एवं सीओ कैंट की टीम व स्वाट सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को यह सनसनीखेज हत्याकांड का राजफाश कर सरगना सहित तीन हत्यारोपी दो को गिरफ्तार किया।
पुलिस को इनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस 32 बोर, घटना में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल, 50 हजार की नगदी के अलावा घटना में प्रयुक्त हेलमेट बरामद हुए हैं।
इस गुड वर्क पर खुश होकर एसएसपी कलानिधि नैथानी व आईजी रेंज ने टीम को 75000 रुपए इनाम देने की घोषणा की है।


सनद रहे कि बीते 21 सितंबर 2019 को कैंट थाना क्षेत्र स्थित सदर बाजार में पूड़ी का व्यवसाय करने वाले दीपक उर्फ दीपू वर्मा की उस समय बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह अपने साथी पुष्प राज मिश्रा के साथ स्कूटी से टिफिन की डिलीवरी देने जा रहा था।
एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक यह घटना पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी। इसका खुलासा करने के लिए एसपी नार्थ, सीओ कैंट संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की पांच टीमें गठित की गई थी। उन्होंने बताया जांच पड़ताल के दौरान घटनास्थल के करीब लगे सीसी टीवी कैमरे की फुटेज खंगाला गया तो उसमें एक लाल रंग की बाइक संदिग्ध दिखी, जिसके आधार पर पड़ताल शुरू हुई तो यह पता चला कि इस तरह की बाइक दिलीप कुमार वैश्य उर्फ डब्लू चला रहा था। इतना सुराग रस्सी मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और शुक्रवार को बाल्मीकि मोहाल सदर निवासी सरगना दिलीप, मनकापुर गोंडा निवासी राजीव रंजन श्रीवास्तव एवं उपरोक्त निवासी आदर्श कुमार उर्फ आकाश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर ही सनसनीखेज वारदात का राजफाश किया।
,गांजे की तस्करी को लेकर मामला आया सामने,
एसएसपी का दावा, पूछताछ में हत्यारोपी दिलीप ने पुलिस को बताया की पिछले पांच-छह से मृतक दीपू वर्मा ₹20000 प्रतिमा देने या फिर पार्टनरशिप में काम करने का दबाव डाल रहा था और ना देने पर थाने में बंद कराने की धमकी भी दे रहा था।
आरोपी ने बताया कि रोज-रोज की धमकी से वह परेशान हो चुका था और इसी के चलते दीपू को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए योजना बनाकर अपने साथी राजीव रंजन व आदर्श कुमार को रुपयों का लालच देकर योजना बनाई और उसे मौत के घाट उतरवा दिया।
पुलिस की जुबानी पर गौर करें तो एक बात सामने आ रही है की मृतक दीपक की स्थानीय पुलिस के बीच खासी पैड थी जिसके चलते वह आरोपी दिलीप को थाने में बंद कराने की धमकी दे रहा था।
,इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका,
इस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडे, इस्पेक्टर अखिलेश पांडे, इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह व हेड कांस्टेबल देवकी नंदन। इस ब्लाइंड मर्डर के का खुलासा करने पर खुश होकर आईजी रेंज ने ₹50000 व एसएसपी कलानिधि नैथानी ने 25000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

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