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राष्ट्रपति की भावुक यादों में कानपुर

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें डी ए वी कॉलेज याद आता है। यहां से उन्होंने बीकॉम किया था। राष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल और कॉलेज का जीवन अनमोल होता है। इसे कभी कोई नहीं भुलाया जा सकता है

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

कानपुर।

डीएवी कानपुर का एक अभूतपूर्व अध्याय है। यहां के एक पूर्व छात्र अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री बने थे। दूसरे पूर्व छात्र आज देश के राष्ट्रपति है। अटल जी अक्सर डीएवी में अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वह उनके गुरु रहे प्रो मदन मोहन पांडेय का हाल चाल पूंछा करते थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कानपुर आकर भावुक हो जाते है।

राष्ट्रपति बनने के बाद जब वह पहली बार कानपुर आये थे, तब उन्होंने अपने तीन पूर्व शिक्षकों के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लिया था। तीस नवम्बर को रामनाथ कोविंद कानपुर यात्रा पर पहुंचे थे। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन को याद किया।
उन्होंने कहा कि मैं स्कूल कॉलेज का छात्र जीवन कभी नहीं भूल सकता।

मैं भी अपने स्कूल चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज जाना चाहता हूं। जहां से उन्होंने इंटर की पढ़ाई की थी। उन्हें डीएवी कॉलेज बहुत याद आता है। यहां से उन्होंने बीकॉम किया था। राष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल और कॉलेज का जीवन अनमोल होता है। इसे कभी कोई नहीं भुलाया जा सकता है। पूर्व छात्र भी अपने शिक्षण संस्थान के विकास में योगदान कर सकते है।


राष्ट्रपति ने बताया कि आईआईटी दिल्ली के एक प्रोग्राम में ढाई सौ करोड़ रुपये का फंड पूर्व छात्रों ने एक दिन में एकत्र कर लिया था।


छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति ने एक लाख ग्यारह हजार रुपये देकर अक्षय निधि की शुरुआत की। उन्होंने कहा की सभी इसमें अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा इस निधि का प्रयोग कर प्रतिवर्ष पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन होना चाहिए। इसका उद्देश्य मात्र धन एकत्र करना नहीं होना चाहिए। पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करके भी योगदान कर सकते है।


राष्ट्रपति ने पीएसआइटी में रीसेंट एडवांसमेंट्स इन कंप्यूटर साइंस कम्युनिकेशन एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह न केवल मेरा शहर है बल्कि ट्रेडिशनल और मॉडर्न सिटी का बड़ा उदाहरण है, यहां के संस्थान हमारे देश को नई तकनीक देकर समृद्ध और सशक्त बना रहे है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री में कानपुर का बड़ा योगदान है। उत्तर प्रदेश का बड़ा व्यापारिक केंद्र है। कानपुर को कभी लेदर सिटी ऑफ द लेदर रहा है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समय की जरूरत है।
आने वाले दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सामाजिक बदलाव का हिस्सा बनेगी।

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