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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की प्रयागराज यात्रा: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास

उपलब्धि: इलाहाबाद_

 हाईकोर्ट केअधिवक्ताओं की और उत्तर प्रदेश की

प्रयागराज।

भारत का सबसे बड़ा हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट माना जाता है, समय के साथ साथ यंहा अधिवक्ताओं की संख्या और संसाधनों में तेजी से वृद्धि हुई औऱ जगह कम पड़ने लगी, बहुत से लॉ कॉलेज खुलने से नए लोगों की फौज तैयार हुई और हाईकोर्ट में तिल रखने की जगह नही मिलती।

जो इलाहाबाद हाईकोर्ट गया हो उसने देखा होगा कि उतनी भीड़ और भीड़ एक साथ कुम्भ मेला में दिखाई देती है और उतनी ही अफरा तफरी, नए ओवर ब्रिज के नीचे अधिवक्ता लोग बैठते हैं, वहीं बहुत सी गाड़ियों की पार्किंग भी होती है, चना, चबैना, फल फ्रूट वाले भी वही लगे खड़े रहते हैं, उसी में ज्ञान पा के आधे वकील भी बन जाते हैं, जरूरत में सहायक के रूप में रास्ता बता देते हैं।

अधिवक्तागण समय समय में अपनी मांग करते रहते हैं। उनके लिए एक नई बिल्डिंग बनी थी लेकिन जगह फिर भी कम पड़ी।

अधिवक्ताओं ने अपनी मांग नही छोड़ी लगे रहे, उसका असर ये हुआ कि उनके साथ साथ पूरे प्रयागराज या कहिए, प्रदेश और देश को एक उपलब्धि मिलने जा रही है।

अधिवक्ता लोगों की मांग और संघर्ष के फलस्वरूप उनके लिए लगभग 600 करोड़ की एक बिल्डिंग बनने जा रही जिसमें…

—-2000 चेंबर होंगे, अधिवक्ता लोगों के लिए।
—-2000 कार पार्किंग की जगह

—^4000 टू व्हीलर की पार्किंग की जगह होगी।

उत्तर प्रदेश और देश के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि यहाँ

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी” बनने जा रही है। प्रदेश के बच्चो के लिए ये बहुत बड़ी खुशी की बात है, जैसे पहले से प्रयागराज विश्वविद्यालय ने अधिकारियों के साथ साथ अन्य क्षेत्र में असंख्य विद्वान पैदा किये वैसे ही ये लाॅ विश्वविद्यालय आने वाले समय में नए लड़कों के लिए मील का पत्थर साबित होगा, अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों की नई फौज भविष्य में यहीं से तैयार होगी ये तो तय है, क्योंकि ऐसे ही नही कहा गया है–

“”को कहि सके प्रयाग प्रभाउ”
तो प्रयाग के प्रभाव में वृद्धि करने में सहयोग करने वाले सभी अधिवक्ताओं, माननीय न्यायाधीशों का और सरकार के उन महत्वपूर्ण लोगोंं का धन्यवाद है, अभिनन्दन है, जिनके संघर्ष और सहयोग से उनके साथ साथ प्रदेश को भी एक उपलब्धि मिलने जा रही है।
*संदीप वालिया*

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