
प्रयागराज।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा “नई शिक्षा नीति : समावेशी शिक्षा नीति” विषयक वेबीनार में बोलते हुए गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के कुलपति प्रोफेसर रूप किशोर शास्त्री ने नई शिक्षा नीति को मूल्य आधारित, हुनर आधारित, सृजनात्मकता और वैज्ञानिक सोच आधारित बताया।

उन्होंने कहा कि यह रटने से की प्रक्रिया से मुक्ति का भी मार्ग है। संवाद, संवाद आधारित अधिगम, बहुभाषिकता, सहयोग की क्षमता और समस्याओं का समाधान हो अथवा सामाजिक साझेदारी और डिजिटल साक्षरता का प्रश्न हो, इन सब दृष्टियों से नई शिक्षा नीति मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता की दृष्टि से 2030 में हमें जहां होना था वहां हम कोरोना के कारण 20 वर्ष पहले ही पहुंच गए हैं।

वेबीनार के आयोजक राष्ट्रीय सेवा योजना, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के समन्वयक डॉ. राजेश कुमार गर्ग ने कहा कि नई शिक्षा नीति रिसर्च इनोवेशन को ध्यान में रखकर चलने वाली नीति है। नेशनल एजुकेशनल टेक्नालाजी फोरम हो या नेशनल रिसर्च फाउंडेशन हो इन सब की सहायता से यह शिक्षा नीति मनुष्य निर्माण के साथ-साथ कुशल छात्रों और नागरिकों के निर्माण की नीति है।
संचालन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन ईश्वर शरण महाविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डॉक्टर शिव वर्मा ने किया।

वेबीनार में नामांकन के लिए देश के 25 राज्यों से कुल 906 नामांकन अनुरोध प्राप्त हुए जिनमें 519 पुरुष और 387 महिलाएं थीं। वेबीनार में प्रतिभागिता के लिए नामांकन करने वालों में 646 विद्यार्थी 183 प्राध्यापक और 77 शोध छात्र शामिल हैं। भारत के बाहर अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और नेपाल से भी नामांकन अनुरोध प्राप्त हुए।
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