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चिनहट की रामलीला में “सुबाहु वध” का जीवंत मंचन

चिनहट में हुआ ताड़का वध, कलाकारों के भावपूर्ण मंचन, श्रोताओं को किया भाव विभोर

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। चिनहट कस्बा स्थित रामलीला भवन में श्री जीवन सुधार रामायणी सभा की ओर से हर साल की तरह इस वर्ष भी रामलीला मंचन जारी है। रामलीला मंचन के पहले दिन सुबाहु वध का मंचन किया गया। इस प्रोग्राम में कस्बा के ही नहीं आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी जमा रही। वे रामलीला मंचन देख बेहद खुश नजर आ रहे थे।


दर्शकों ने देर रात तक रामलीला का लुत्फ उठाया। रामलीला का आगाज श्री राम सहित चारों भाइयों के शिक्षा ग्रहण करने को भेजते हैं।

शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह वापस अयोध्या आते हैं। वहां विश्वामित्र का आगमन होता है। वहां राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले जाते हैं। वन में राम और लक्ष्मण यज्ञ विध्वंस करने वाले राक्षसों का संहार करते हैं, जिससे क्रोधित होकर ताड़का सुबाहु और मारीच उनसे युद्ध करने आते हैं।


मारीच को तीर मार कर वन में उड़ा देते हैं। जनकपुरी से विश्वामित्र के लिए सीता स्वयंवर को निमंत्रण आता है।

राम लक्ष्मण को साथ लेकर विश्वामित्र जनकपुरी रवाना होते हैं। आ रहे हो लीला का समापन गौरी पूजन के साथ होता है।

श्री जीवन सुधार रामायण सभा के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि ताड़का वध का रोल सर्राफा व्यवसाई अनिल कुमार वर्मा ने किया तो उनकी अदा और किरदार देख पूरा पंडाल जयकारे से गूंज उठा, जबकि तालियां बजाने में भी दर्शक पीछे नहीं रहे। वही रिमझिम ने अहिल्या का किरदार अदा किया तो रामलीला में आए हुए सभी श्रोताओं को किया भाव विभोर।

अध्यक्ष श्री पांडे का कहना है कि चिनहट की परंपरा रही की यहां पर हिंदू मुस्लिम एक साथ मिलकर दशहरा का पर्व मिलकर मनाते हैं और रामलीला प्रोग्राम में शामिल भी होते हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन ताड़का वध, राक्षसी, सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार के अलावा समापन के दौरान भगवान राम का राज्याभिषेक एवं भव्य मनोरम झांकियों के साथ दर्शक तथा मेले में आने वाले तभी दर्शक दर्शन करेंगे।

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