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हेमंत तिवारी: “जनतंत्र” के मुकाबले “धनबलतंत्र” पराजित

ऑफ द रिकॉर्ड : जनतंत्र के मुकाबले धनबलतंत्र पराजित

“उ.प्र. मान्यता समिति के अध्यक्ष पद पर श्री हेमन्त तिवारी की लगातार चौथी विजय पर लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार श्री अनूप श्रीवास्तव का पत्रकारिता की राजनीति की परतें उधेड़ने वाला बेबाक विश्लेषण”

जो होना था वह हो गया. पत्रकारों की मान्यता समिति में जो प्रत्याशी विजयी हुए उनको बधाई और जो हारे उन्हें भी शुभ कामना. असल मे मान्यता समिति में जीत तो लोकतंत्र की हुई, जनतंत्र के मुकाबले धनबलतंत्र पराजित हुआ. मान्यता समिति फिर दो फाड़ होते होते बची. उ.प्र. मान्यता समिति के अध्यक्ष पद पर हेमन्त तिवारी और सचिव पद पर शिवशरण की पुनर्स्थापना ने यह साबित कर दिया कि पत्रकारों के बीच उन्ही का सीधा संवाद था. जो हारे, उनसे ही कहीं चूक हुई. जो सोशल मीडिया के माध्यम से घर बैठे बैठे फेसबुक, व्हाट्सप, रिकार्डेड काल के माध्यम से चुनाव को भुनाना चाहते थे, वे सफल नही हुए.

यही नही, स्वयं को पत्रकारों के स्वयंभू सिपहसिलार मानने वालों ने भी मुंह की खाई. यह भी साबित हो गया कि जोड़तोड़ हमेशा काम नही आता. वोटों के ठेकेदारों के दिन गये. पत्रकार समुदाय सजग हो चुका है. लेकिन पत्रकारों के नव निर्वाचित नेतृत्व के सामने भी अब सबसे बडी चुनौती है पत्रकार की पहचान को पुनर्स्थापित करने की. हमारी खोई हुई विश्वसनीयता लौटाने की. पत्रकारों की गरिमा बनी रहे. भले ही इसके लिए कितनी भी कड़ी सर्जरी करनी पड़े. पिछले एक दशक के दौरान जिस तरह से मान्यता की रेवड़ी बटी है, टेम्पो चलाने वालों, खोंचे लगाने वालों, प्रोपर्टी डीलर्स की भारी भीड़ पत्रकार का मुखौटा लगाकर शामिल हुई है, न केवल दुखद बल्कि लज्जाजनक भी है. हिंदी भाषा की जानकारी होना दरकिनार उर्दू अखबारों के संपादक वे बन बैठे जिन्हें लिखना तो दरकिनार उर्दू पढ़ना भी नहीं आता.पत्रकारिता के बगीचे में उग रहे खरपतवार हटाने ही होंगे.

                              हेमंत तिवारी

मान्यता समिति के अध्यक्ष पद पर हेमन्त तिवारी को भारी मतों से निर्वाचित कर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की जमात ने उनके प्रति अथाह भरोसा जताया है। उसे बनाये रखने की जिम्मेदारी उनकी और उनकी टीम की है जिसमे शिवशरण सिंह, जफर इरशाद, दिलीप सिन्हा, अभिषेक रंजन पवन सिंह के साथ रेनू निगम जैसे जुझारू युवा पत्रकार भी शामिल हैं. मान्यता समिति का पंजीकरण, आचारसंहिता, सेवा निवृत्त पत्रकारों की पेंशन, पत्रकारों के परिवारों की चिकित्सा व्यवस्था के मुद्दे ठंडे बस्ते में पड़े हुए है जबकि महाराष्ट्र, राजस्थान,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सरकारों ने पत्रकारों की पेंशन, इलाज, कोरोना की महामारी की चपेट में आये परिवारों की आर्थिक सहायता देने की बहुत पहले पहल कर चुकी हैं.

सबसे ज्यादा बधाई के पात्र हमारा पत्रकार समुदाय है जिसने मान्यता समिति के चुनाव में दृढ़ संकल्प शक्ति दर्शायी है, बड़ी संख्या में हुए मतदान ने अपनी इच्छाशक्ति पर मोहर लगाने का काम किया है. कल आधी रात तक हुई मतगणना के अनुसार उ. प्र. राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति 2021 के चुनाव में श्री हेमन्त तिवारी को अध्यक्ष और श्री शिवशरण सिंह को सचिव चुना गया है। आलोक कुमार त्रिपाठी ने कोषाध्यक्ष पद कब्जा किया है। उपाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह, जफर इरशाद और आकाश शर्मा बने हैं जबकि संयुक्त सचिव-अभिषेक रंजन, विजय कुमार त्रिपाठी तथा सुरेश यादव निर्वाचित हुए हैं। श्री दिलीप सिन्हा कार्यकारिणी में सर्वाधिक मत लेकर पहले स्थान पर रहे।

नई कार्यकारिणी इस प्रकार हैं:- दिलीप सिन्हा, रितेश सिंह, ‌राघवेन्द्र त्रिपाठी, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, मोहम्मद जुबैर अहमद, सुश्री रेनू निगम, अंशुमान शुक्ल, पवन मिश्रा, अफरोज रिजवी, अमरीष शुक्ला, अतीकुर रहमान, पवन कुमार सिंह, रूपेन्द्र उपाध्याय, धीरेन्द्र बहादुर श्रीवास्तव.
‌सभी को शुभकामनाएं ।
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‌9335276946
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‌anupsrivastavalko@gmail.com

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