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लखनऊ में शिक्षा समिट का आयोजन एक अभिनव प्रयोग

स्कूल समिट का सार्थक सन्देश

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

लखनऊ में शिक्षा समिट का आयोजन एक अभिनव प्रयोग थे। शिक्षा में सुधार के प्रयासों को इस अंदाज में पहले कभी नहीं देखा गया। शिक्षा से सीधे रूप में जुड़े शिक्षक, प्राचार्य शिक्षाविद इसमें सहभागी थे। सभी ने अपने विचार साझा किए। सुधार के सुझाव दिए गए।

शिक्षा में गुणवत्ता,आधुनिक तकनीक के उपयोग व नवाचार को बढ़ावा देने के सम्बंध में कार्ययोजना बनाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस क्षेत्र की विसंगतियों को रेखांकित किया। आजादी के बाद शिक्षा को जैसी अहमियत मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली। संविधान में समानता को मूलाधिकार में शामिल किया गया, लेकिन शिक्षा में समानता पर पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। शिक्षा में समानता न होने से नागरिकों में समानता की भावना बढ़ी। इसको दूर करने की आवश्यकता है।

ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी अधिकारी और कंपनियां स्कूलों को गोद लेंगी। इससे हमारी शिक्षा की नींव मजबूत होगी। स्कूल समिट के माध्यम से कार्ययोजना बनेगी।

उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सुधार किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण, तनावमुक्‍त नकल विहीन शिक्षा और परीक्षा सुनिश्चित करने में काफी हद तक सफलता मिली है। पाठ्यक्रम में एकरूपता लाने के लिए एनसीईआरटी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश बोर्ड में पाठ्यक्रम लागू किया। उच्च,माध्यमिक तथा बेसिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों तथा कर्मचारियों की सुविधाओं के प्रति सरकार संवेदनशील है।

सेवा संबंधी विवादों के त्वरित निस्तारण उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण का गठन किया गया है। इसी प्रकार ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी तरीके से स्थानांतरण की व्यवस्था भी की गई है। पन्द्रह हजार स्कूलों को इंग्लिश मीडियम के स्कूलों में तब्दील किया गया। तीन हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास भी प्रारंभ किया गया है। इस समिट का आयोजन माध्यमिक शिक्षा विभाग और भारतीय उद्योग परिसंघ ने संयुक्त रूप से किया था। शिक्षाविद् के अलावा उद्यमी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रमुख और दूसरे राज्यों के शिक्षामंत्री व अधिकारी भी इसमें शामिल हुए। तकनीक व नवाचार के प्रयोग को बढ़ावा देना है।


डॉ दिनेश शर्मा ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था पांच ट्रिलियन की बनाने के लिए शिक्षा को एक निवेश के तौर पर देखना होगा। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था से हम फॉलोवर तैयार कर रहे हैं इनोवेटिव लीडर नहीं। स्कूल समिट क्लास रूम इनोवेशन की राह बनाएगी।

अठारह फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू हो रही है। चौदह दिन में खत्म होगी। कुछ जिलों में कमांड सेंटर भी बनेंगे। प्रत्येक जिले में पांच पांच अच्छे शिक्षकों का चयन कर उनके लेक्चर रिकॉर्ड किए जाएंगे और उनको स्कूल में ऑडियो विजुअल माध्यम से पढ़ाया जाएगा। अगले पांच साल में प्रदेश के सभी स्कूलों में गणित व अंग्रेजी की स्मार्ट क्लास लागू होगी।

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