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कानपुर: गैंगस्टर विकास दुबे के सहयोगी को बिकरू हत्याकांड से जुड़े मामले में पांच साल की सजा

गैंगस्टर विकास दुबे के सहयोगी को बिकरू हत्याकांड से जुड़े मामले में पांच साल की हुई जेल  ** *साभार प्रस्तुति* *आनन्द श्रीवास्तव, अधिवक्ता* ** कानपुर के मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के एक सहयोगी को कानपुर देहात की एक अदालत ने 2020 में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या से संबंधित मामले ...

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कानपुर का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार, 300 दुकानें जलकर खाक

धधक रहा कानपुर का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार, 300 दुकानें जलकर खाक, आग पर काबू नहीं कानपुर . कानपुर में बड़ा हादसा हो गया है। रेडीमेड कपड़ों के बाजार के चार कॉम्प्लेक्स में आज सुबह भीषण आग लग गई है। यहां मौजूद 300 से ज्यादा दुकानें आग की चपेट में ...

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“परौंख आदर्श गांव बन गया है, डिजिटल गांव बन गया है”।

परौंख का ग्राम स्वराज संदेश डॉ दिलीप अग्निहोत्री कानपुर देहात के परौंख गांव के लिए आज ऐतिहासिक दिन था .देश के राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और मुख्यमंत्री एक साथ यहां मौजूद थे .डॉ आंबेडकर और महात्मा गांधी का स्मरण किया गया. दोनों के विचारों पर अमल का संकल्प ...

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा डॉ दिलीप अग्निहोत्री न्यू इंडिया अभियान में यूपी का योगदान प्रगति पर है। इस दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अभूतपूर्व कार्य किये है। विगत साढ़े चार वर्षों के प्रयास फलीभूत हो रहे है। एक्सप्रेस वे,एयरपोर्ट मेट्रो,मेडिकल कॉलेज अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार,औद्योगिक विकास,पूंजी निवेश आदि उत्तर ...

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कारगिल दिवस पर “बजिहैं तबला अब धीन-धीन चढिबै इक-इक पै तीन-तीन। खुपड़ी मजबूत किहे राख्यो परिहैं बेभाव, अभै का भा..!”

 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को समर्पित एक अविस्मरणीय कविता रचनाकार-पँ धर्मपाल अवस्थी ‘अभै का भा’ ————– तुम देखत जाव अभै का भा। चोरी-चोरी घुसि बैठे हौ टीलन पै तेहिते ऐंठे हौ। तुम तीन चोर अस आइ लिह्यो अब लौं नौ ...

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“छठी पुण्‍यतिथि पर पिताजी को छोटी सी श्रद्धांजलि”: रामधनी द्विवेदी

रामधनी द्विवेदी “पत्रकारिता की दुनिया :22”: “पिता जी की विरासत! : रामधनी द्विवेदी :48: Father’s inheritance-22-the-struggle-journey-of-senior-journalist-ramdhani-diwedi-from-small-village-to-capital-48 आज जीवन के 71 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां ...

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“पत्रकारिता की दुनिया :21”: “लीड की हेडिंग उल्‍टी लगी”! : रामधनी द्विवेदी :47:

रामधनी द्विवेदी आज जीवन के 71 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो कर कहां पहुंच जाता है? पता नहीं क्‍या-क्‍या घटित होता है? ...

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“पत्रकारिता की दुनिया :20”: “आज से विदाई”! : रामधनी द्विवेदी :46:

रामधनी द्विवेदी “पत्रकारिता की दुनिया :20”: “अखबार की गर्मी”! : रामधनी द्विवेदी :46: आज जीवन के 71 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो ...

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“पत्रकारिता की दुनिया :18”: “यूपी बोर्ड का परीक्षाफल!!!”: रामधनी द्विवेदी :44:

रामधनी द्विवेदी आज जीवन के 71 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो कर कहां पहुंच जाता है? पता नहीं क्‍या-क्‍या घटित होता है? ...

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“पत्रकारिता की दुनिया :17”: “कुदाल से कलम तक”: रामधनी द्विवेदी :43: “और आज की नौकरी शुरू”

रामधनी द्विवेदी आज जीवन के 71 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो कर कहां पहुंच जाता है? पता नहीं क्‍या-क्‍या घटित होता है? ...

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