Wednesday , September 22 2021
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Tag Archives: घूमता आईना

हिन्दी दिवस पर विशेष: “प्लीज मम्मी, डोंट गो. . . . !”: स्नेह मधुर

हिन्दी दिवस: “प्लीज मम्मी, डोंट गो. . . . !” स्नेह मधुर अपने एक मित्र के साथ उनके एक ब्रिगेडियर दोस्त के घर जाने का सौभाग्य मिला। ब्रिगेडियर दोस्त की नियुक्ति कहीं बाहर है और उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ इसी शहर में रहती हैं। जब उनके घर हम ...

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“भ्रष्टाचार हमारे जीवन का अभिन्न अंग क्यों है”: विभूति नारायण राय, IPS

“इन आँखिन देखी” :32: विभूति नारायण राय IPS अब तो जनता भी ज़बराना वसूलने वाले को भेंट चढ़ाने के पहले कहती है कि इतना तो आप का हक़ बनता है । जब ‘हक़’ से अधिक उम्मीद। की जाती है तभी कोई असंतुष्ट दिखता है । मैंने कही पढ़ा था कि ...

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‘मेरा जीवन’: के.एम. अग्रवाल: 44:  श्याम कृष्ण पांडेय

के.एम. अग्रवाल सालों से मन में यह बात आती थी कि कभी आत्मकथा लिखूँ। फिर सोचा कि आत्मकथा तो बड़े-बड़े लेखक, साहित्यकार, राजनेता, फिल्मकार, अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, वैज्ञानिक, बड़े-बड़े युद्ध जीतने वाले सेनापति आदि लिखते हैं और वह अपने आप में अच्छी-खासी मोटी किताब होती है। मैं तो एक साधारण, लेकिन समाज और ...

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“कुदाल से कलम तक”: रामधनी द्विवेदी :5: “मेरे दादाजी”  

रामधनी द्विवेदी आज जीवन के 71 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो कर कहां पहुंच जाता है? पता नहीं क्‍या-क्‍या घटित होता है? ...

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“मेरा जीवन” : के. एम. अग्रवाल: 43: मुख्तार अब्बास नकवी

के.एम. अग्रवाल सालों से मन में यह बात आती थी कि कभी आत्मकथा लिखूँ। फिर सोचा कि आत्मकथा तो बड़े-बड़े लेखक, साहित्यकार, राजनेता, फिल्मकार, अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, वैज्ञानिक, बड़े-बड़े युद्ध जीतने वाले सेनापति आदि लिखते हैं और वह अपने आप में अच्छी-खासी मोटी किताब होती है। मैं तो एक साधारण, लेकिन समाज और ...

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“मेरा जीवन” : के. एम. अग्रवाल: 42: बिशन कुमार

के.एम. अग्रवाल सालों से मन में यह बात आती थी कि कभी आत्मकथा लिखूँ। फिर सोचा कि आत्मकथा तो बड़े-बड़े लेखक, साहित्यकार, राजनेता, फिल्मकार, अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, वैज्ञानिक, बड़े-बड़े युद्ध जीतने वाले सेनापति आदि लिखते हैं और वह अपने आप में अच्छी-खासी मोटी किताब होती है। मैं तो एक साधारण, लेकिन समाज और ...

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“हम बस चलते चले गये”:6: बजरंगी सिंह

*बजरंगी सिंह* (पूर्व महामंत्री, अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ) वर्ष 2003 के जून माह में मैंने शिक्षा विभाग से अवकाश प्राप्त किया था, लगभग 17 वर्ष पूर्व! विश्वास ही नहीं होता कि एक लम्बी और सक्रिय पारी खेलने के बाद सेवा निवृत हुए भी लगभग दो दशक बीतने को हैं ...

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एक्सप्रेस वे को उद्योग से जोड़कर चल रहे है योगी

डॉ दिलीप अग्निहोत्री लखनऊ। एक्सप्रेस वे के निर्माण में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार रिकार्ड कायम करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मात्र एक्सप्रेस वे निर्माण के पक्षधर नहीं रहे है, बल्कि वह इन एक्सप्रेस वे को उद्योग से जोड़कर चल रहे हैं। इससे इनके निकट रहने वाले गांव,कस्बा नगर सभी को ...

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चीन और पाकिस्तान जैसे मुल्क वैश्विक आपदा में अमानवीय आचरण कर रहे हैं

चीन का अमानवीय आचरण डॉ दिलीप अग्निहोत्री दुनिया इस समय कोरोना आपदा के सामना कर रही है। इससे मानवता को बचाना ही सबसे बड़ी समस्या है। लेकिन यह तथ्य चीन और पाकिस्तान जैसे हिंसक प्रवत्ति के देशों के लिए कोई महत्व नहीं रखता। इस समय भी वह भारतीय सीमा पर ...

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“कुदाल से कलम तक”: रामधनी द्विवेदी :4: “मेरा निर्माण”  

रामधनी द्विवेदी आज जीवन के 71 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो कर कहां पहुंच जाता है? पता नहीं क्‍या-क्‍या घटित होता है? ...

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