Wednesday , September 22 2021
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Tag Archives: डॉ. राजेश कुमार गर्ग

प्रोफेसर रूप किशोर शास्त्री ने नई शिक्षा नीति को मूल्य आधारित, हुनर आधारित, सृजनात्मकता और वैज्ञानिक सोच आधारित बताया

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा “नई शिक्षा नीति : समावेशी शिक्षा नीति” विषयक वेबीनार में बोलते हुए गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के कुलपति प्रोफेसर रूप किशोर शास्त्री ने नई शिक्षा नीति को मूल्य आधारित, हुनर आधारित, सृजनात्मकता और वैज्ञानिक सोच आधारित बताया। उन्होंने कहा कि यह रटने से की ...

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“हम परिवर्तनकारी समाज हैं, मध्यकालीन जड़ता से मुक्ति का जैसा प्रयास भाषा की दृष्टि से और समाज की दृष्टि से भारतेंदु हरिश्चंद्र ने किया वह अक्षुण्ण महत्व का है”: प्रोफेसर हितेंद्र कुमार मिश्र

प्रयागराज। हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला में बोलते हुए पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय, मेघालय के प्रोफेसर हितेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि भारतेंदु ने जिस हिन्दी के नई चाल में ढलने की बात कही थी यह नई चाल केवल साहित्य की नई चाल नहीं है। बल्कि देश की नई ...

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“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” अर्थात बिना निज भाषा के दुनिया में कोई भी जाति गौरव और श्रेष्ठता बोध को प्राप्त नहीं कर सकती”

प्रयागराज। भारत विकास परिषद, प्रयाग शाखा की ओर से आयोजित हिन्दी दिवस समारोह में बोलते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष आचार्य कृपाशंकर पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी धीरे धीरे वैश्विक परिदृश्य को प्राप्त कर रही है। यह बोलियों के संघात से बनी है। भारतेंदु ने हिन्दी के ...

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“नई शिक्षा नीति भारत को ज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति बनाने के प्रयत्नों का प्रयास है”: प्रोफेसर राणा कृष्ण पाल सिंह 

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अयोजित “नई शिक्षा नीति : शैक्षणिक परिदृश्य पर दूरगामी प्रभाव” विषयक वेबीनार में बोलते हुए शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति व इलाहाबाद विश्विद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के आचार्य प्रोफेसर राणा कृष्ण पाल सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत को ...

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“हमें यह चिंता करनी चाहिए कि भारत की ये बोलियां रोमन की जगह देवनागरी लिपि में लिखी जाएं”: प्रोफेसर दिनेश कुमार चौबे

हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन व्याख्यानमाला में बोलते हुए पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय, मेघालय के हिन्दी विभाग के प्रोफेसर दिनेश कुमार चौबे ने कहा कि पूर्वोत्तर भाषा वैविध्य के लिए प्रसिद्ध है। वहां असमिया, बंगाली और नेपाली के साथ साथ बोडो, कछारी, जयंतिया, कोच, गारो, नागा, खासी जैसी बोलियां ...

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“अकेलापन अभिशाप है, पर एकांत अभिशाप नहीं है… इसी एकांत को प्राप्त करने का साधन है, मेडिटेशन”

“रामचरितमानस और व्यक्तित्व निर्माण” प्रयागराज। हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला के प्रथम सत्र में बोलते हुए तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तमिलनाडु के हिन्दी विभाग के प्रोफेसर एस.वी.एस.एस. नारायण राजू ने “रामचरितमानस और व्यक्तित्व निर्माण” विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि हमें पहले अपने को पहचानना चाहिए। इस दिशा ...

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“पंजाब ने खुरासान से आने वाले न जाने कितने आततायियों के आतंक को नेस्तनाबूद किया”: प्रोफेसर हरमोहिंदर सिंह बेदी

इलाहाबाद विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित “आजादी के अमृत महोत्सव” विषयक वेबीनार के प्रथम सत्र में बोलते हुए हिमाचल केंद्रीय विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति (चांसलर) प्रोफेसर हरमोहिंदर सिंह बेदी ने देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कहा कि यह भारतवर्ष 135 करोड़ लोगों ...

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“एक भारत और श्रेष्ठ भारत का निर्माण सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन से ही हो सकता है”

इलाहाबाद विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित “सामाजिक कुरीतियों के उन्मीलन की आवश्यकता” विषयक वेबीनार में बोलते हुए डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय, गुजरात की कुलपति प्रोफेसर अमी उपाध्याय ने कहा कि हमें सही और गलत की समझ होनी चाहिए। नई शिक्षा नीति इसको भी ध्यान में रखकर चलने वाली ...

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फिट इंडिया फ्रीडम रन कार्यक्रम के अंतर्गत हाफ मैराथन प्रतियोगिता* का आयोजन

आजादी का अमृत महोत्सव भारत की स्वतंत्रता के गौरवशाली 75 वर्ष के कार्यक्रम के उपलक्ष्य में *फिट इंडिया फ्रीडम रन कार्यक्रम के अंतर्गत हाफ मैराथन प्रतियोगिता* का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रो राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज; इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज ; एवं सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय ...

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“साहित्येतिहास दर्शन का आदर्श है आग्रह मुक्त होकर साहित्य का अध्ययन, अध्यापन, पठन और पाठन”

हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित आनलाइन व्याख्यानमाला और वेबीनार में बोलते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा, महाराष्ट्र के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अवधेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक देश का साहित्य वहां की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिम्ब होता है। कोई भी ऐसी रचना साहित्येतिहास में ...

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