Wednesday , September 22 2021
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Tag Archives: स्नेह मधुर

हिन्दी दिवस पर विशेष: “प्लीज मम्मी, डोंट गो. . . . !”: स्नेह मधुर

हिन्दी दिवस: “प्लीज मम्मी, डोंट गो. . . . !” स्नेह मधुर अपने एक मित्र के साथ उनके एक ब्रिगेडियर दोस्त के घर जाने का सौभाग्य मिला। ब्रिगेडियर दोस्त की नियुक्ति कहीं बाहर है और उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ इसी शहर में रहती हैं। जब उनके घर हम ...

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“भ्रष्टाचार हमारे जीवन का अभिन्न अंग क्यों है”: विभूति नारायण राय, IPS

“इन आँखिन देखी” :32: विभूति नारायण राय IPS अब तो जनता भी ज़बराना वसूलने वाले को भेंट चढ़ाने के पहले कहती है कि इतना तो आप का हक़ बनता है । जब ‘हक़’ से अधिक उम्मीद। की जाती है तभी कोई असंतुष्ट दिखता है । मैंने कही पढ़ा था कि ...

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अमृत प्रभात : 6: “पत्रकारिता की दुनिया :27”: ! : रामधनी द्विवेदी :53:

रामधनी द्विवेदी आज जीवन के 72 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो कर कहां पहुंच जाता है? पता नहीं क्‍या-क्‍या घटित होता है? ...

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अमृत प्रभात : 5: “पत्रकारिता की दुनिया :26”: ! : रामधनी द्विवेदी :52:

रामधनी द्विवेदी आज जीवन के 72 वें वर्ष में जब कभी रुक कर थोड़ा पीछे की तरफ झांकता हूं तो सब कुछ सपना सा लगता है। सपना जो सोच कर नहीं देखा जाता। जिसमें आदमी कहां से शुरू हो कर कहां पहुंच जाता है? पता नहीं क्‍या-क्‍या घटित होता है? ...

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स्नेह मधुर द्वारा संपादित पुस्तक “Corona War: लॉक डाउन: मैं और आसपास” पर चर्चा

प्रयागराज। वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री स्नेह मधुर द्वारा संग्रहित Corona War: लॉक डाउन मैं और आसपास: नामक प्रकाशित पुस्तक पर बात बीत तथा चर्चा हेतु के गोष्ठी वरिष्ठ उर्दू हिन्दी साहित्यकार श्री अनवार अब्बास के आवास पर सामाजिक तथा साहित्यिक संगठन उर्दू हिन्दी संगम द्वारा स्नेह मधुर जी और ...

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Poems of Sneh Madhur 1

तारणहार‘ 15 साल की एक लड़की साइकिल चलाती हुई सड़क पर गुजर रही है बुजुर्ग उसे देख रहे हैं हसरत भरी निगाह से युवाओं के मन में लाल गुलाब की कंटीली झाड़ियां उग रही हैं और दिमाग साजिशों से भर-भर कर उफान मार रहा है और यकबयक किशोरों के दबे ...

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सीबीआई की एंट्री से उठे पुलिस पर सवाल?: स्नेह मधुर

Sneh Madhur सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमई मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को देने के सर्वोच्च न्यायालय की घोषणा ने आज एक इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका होगा जब घटनास्थल की परवाह किए बिना न्याय के हित में बिहार सरकार के अनुरोध को ...

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“लॉक डाउन के दौरान अपराध तो घटे, लेकिन ‘जिस्म’ और ‘बदले’ की आग” बुझाने मेें नहीं रहे लोग पीछे!!

यह मानना ही पड़ेगा कि सभ्य समाज में भी असभ्य लोग होते हैं, तभी तो पुलिस और अदालतों की जरूरत पड़ी। ये असभ्य लोग हमारे ही बीच से आते हैं और अपने कृत्यों से समाज को झकझोर कर रख देते हैं। लेकिन इन्हें पहचाना कैसे जाएं और सभ्य लोगों को ...

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स्नेह मधुर का रचना संसार: Creative World of Sneh Madhur

कहानी/ Story    एक लडक़ी की गुजारिश          0 स्नेह मधुर      आज यूनिवर्सिटी में मेरा पहला दिन था। लड़कियों के कालेज से निकलकर पहली बार को-एजुकेशन वाली संस्था यूनिवर्सिटी में जा रही थी। इसका मतलब यह नहीं था कि मैं भयभीत थी। मैंने डरना कभी ...

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‘मेरा जीवन’: के.एम. अग्रवाल: 47: स्नेह मधुर

के.एम. अग्रवाल सालों से मन में यह बात आती थी कि कभी आत्मकथा लिखूँ। फिर सोचा कि आत्मकथा तो बड़े-बड़े लेखक, साहित्यकार, राजनेता, फिल्मकार, अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, वैज्ञानिक, बड़े-बड़े युद्ध जीतने वाले सेनापति आदि लिखते हैं और वह अपने आप में अच्छी-खासी मोटी किताब होती है। मैं तो एक साधारण, लेकिन समाज और ...

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