
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार के तीन आईपीएस अफसरों को सरकार ने विदा कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने तीन आईपीएस अफसर को जबरन सेवा से आउट कर दिया है। उन्हें तीन माह का वेतन दिया जायेगा। सरकार का कहना है कि तीनों ही अधिकारी सरकारी सेवा के काबिल नहीं थे। इसलिए सरकार ने लोकहित में तीनों आईपीएस अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी है। उत्तर प्रदेश से चौंकाने वाली खबर आई है। उत्तर प्रदेश के गृह मंत्रालय ने तीन आईपीएस अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। इनमें अमिताभ ठाकुर, राजेश कृष्ण व राकेश शंकर शामिल हैं। उक्त तीनों ही आईपीएस अफसरों पर गंभीर अनियमितता के आरोप थे। गृह मंत्रालय ने तीनों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। अमिताभ ठाकुर ( आईजी रूल्स एवं मैनुअल) के खिलाफ आरोप था कि वे सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। वहीं राकेश शंकर (डीआईजी स्थापना) पर देवरिया शेल्टर होम प्रकरण में संदिग्ध भूमिका के आरोप थे। राजेश कृष्ण (सेना नायक 10 बटालियन बाराबंकी) पर आजमगढ़ में हुई पुलिस भर्ती में घोटाले का आरोप था। तीनों ही अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही थी। यूपी के गृह मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि तीनों ही अधिकारी सरकारी सेवा के लिए उपयुक्त नहीं थे। इसलिए उन्हें अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति दी गई है।
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