Home / Slider / विरासत की चर्चा के साथ साथ तात्या टोपे के बलिदान व शौर्य का स्मरण किया गया

विरासत की चर्चा के साथ साथ तात्या टोपे के बलिदान व शौर्य का स्मरण किया गया

विद्यांत में विरासत दिवस कार्यक्रम

लखनऊ।

आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में अनेक प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 18 अप्रैल को विरासत व बलिदान दिवस पर देश मनाया गया। इसमें विरासत की चर्चा के साथ साथ तात्या टोपे के बलिदान व शौर्य का स्मरण किया गया। इसके दृष्टिगत विद्यांत हिन्दू पीजी कॉलेज के मानवशास्त्र विभाग में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ प्राचार्या प्रो धर्म कौर ने किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के विचार व कृतित्व भी वर्तमान पीढ़ी के लिए विरासत की तरह होते है। इनसे सदैव प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके अलावा भारत में ऐतिहासिक प्राकृतिक विरासत की भी कमी नहीं है। मानव शास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ नीतू सिंह ने बताया कि भौतिक व अभौतिक विरासत दोनों का महत्व है। अभौतिक में संगीत उपासना संस्कृति आदि शामिल है। भौतिक विरासत में भवन आदि स्थल होते है। राम लीला से लेकर स्वतन्त्रता संग्राम तक की अनेक विरासत है। इस सभी से प्रेरणा मिलती है। उप प्राचार्य डॉ राजीव शुक्ला ने कहा कि तात्या टोपे ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस अवसर पर डॉ प्रभा गौतम,डॉ सावित्री तड़ागी,डॉ ऊषा सिंह,डॉ अनिता,आलोक शर्मा के अलावा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Check Also

वर्ष प्रतिपदा उत्सव एवं नवसंवत्सर कार्यक्रम का आयोजन किया गया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से हिंदू नव वर्ष पर कार्यक्रम का आयोजन किया न्याय ...